सोशल संवाद / नई दिल्ली : “सच्चा सुशासन केवल वर्तमान के लिए कानून बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने का भी दायित्व निभाता है। एक हरित राजधानी की शुरुआत एक पौधे से होती है।” यह बात दिल्ली विधान सभा के माननीय अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिल्ली विधान सभा परिसर में आयोजित वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व करते हुए कही।

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विधानसभा अध्यक्ष ने पौधे रोपित कर राजधानी के पारिस्थितिक संतुलन की पुनर्स्थापना के प्रति विधानसभा की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने नागरिकों से केवल दर्शक बने रहने के बजाय “प्रकृति के संरक्षक” बनने का आह्वान करते हुए कहा कि दिल्ली के प्रत्येक परिवार को कम-से-कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए।
विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, बल्कि विशेष रूप से दिल्ली जैसे महानगरों के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह दिवस प्रकृति के साथ हमारे कमजोर पड़ते संबंधों को पुनर्स्थापित करने का वैश्विक संदेश देता है। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रदूषण और बढ़ते तापमान जैसी चुनौतियों का सामना कर रही दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ एवं टिकाऊ पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिए जनभागीदारी आधारित व्यापक हरित अभियान को अपनाना होगा।
गुप्ता ने कहा कि सार्वजनिक संस्थानों को केवल नीतिगत निर्देश जारी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधान सभा पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने और संस्थागत परिसरों को हरित क्षेत्रों में परिवर्तित करने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संस्थागत परिसरों में वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर शहरी ऊष्मा द्वीप (हीट-आइलैंड) प्रभाव को कम किया जा सकता है, जैव विविधता को समृद्ध किया जा सकता है तथा राजधानी में स्वच्छ वायु के प्राकृतिक क्षेत्र विकसित किए जा सकते हैं।
व्यक्तिगत उत्तरदायित्व की चर्चा करते हुए गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रयास तभी सफल होते हैं जब वे एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप धारण करें, जिसमें नागरिक अपने स्थानीय पर्यावरण के संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी और गौरव का विषय समझें।
अपने समापन संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली विधान सभा की इस हरित पहल का उद्देश्य राजधानी में संरचनात्मक एवं व्यवहारगत परिवर्तन को प्रेरित करना है। उन्होंने ऐसे भविष्य की कल्पना व्यक्त की जिसमें दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य एक-दूसरे के पूरक बनकर विकसित हों। गुप्ता ने युवाओं, सामुदायिक नेताओं तथा सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे पर्यावरणीय स्थिरता और जलवायु अनुकूलता के क्षेत्र में दिल्ली को एक आदर्श राजधानी बनाने के लिए सामूहिक संकल्प के साथ आगे आएं।










