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झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष के चुनाव हेतु रांची में जिला अध्यक्षों की बैठक आयोजित

By Tamishree Mukherjee

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झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष

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सोशल संवाद / रांची : झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन झारखंड में बसे मारवाड़ियों की एक सशक्त आवाज़ है और झारखंड के 23 जिलों में कार्यरत है, जिसके अंतर्गत विभिन्न शाखाएं भी कार्य करती हैं। पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष मुकेश मित्तल के कई दिनों के अथक प्रयास एवं समन्वय के उपरांत प्रांतीय अध्यक्ष के उम्मीदवार पर मंथन करने हेतु झारखंड के प्रमुख जिला अध्यक्षों की एक बैठक रांची के महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता झारखंड के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष ओम प्रकाश अग्रवाल ने की।

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इस बैठक में प्रदेश के लगभग 80% सदस्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले जिला अध्यक्षों ने भाग लिया जिसमें मुख रूप से रांची जिला अध्यक्ष ललित पोद्दार, धनबाद जिला अध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल, पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष मुकेश मित्तल, बोकारो जिला अध्यक्ष श्याम सुंदर जैन एवं कोडरमा जिला अध्यक्ष राम रतन महर्षि ने भाग लिया। हजारीबाग जिला अध्यक्ष सुमेर सेठी, देवघर जिला अध्यक्ष अशोक डालमिया एवं चाईबासा जिला अध्यक्ष दिलीप अग्रवाल सभा में ऑनलाइन जुड़े रहे।

वर्तमान प्रांतीय अध्यक्ष बसंत मित्तल, जो दो बार प्रान्त का चुनाव लड़ चुके हैं और तीसरी बार उनके उम्मीदवार बनने की चर्चा है, के कार्यशैली की सभी जिला अध्यक्षों एवं उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में विरोध किया। सभी ने ये माना कि बसंत मित्तल प्रान्त के कुछ पदाधिकारियों की कठपुतली हैं और एशिक्षा विभाग में महाघोटाला, निम्न ग्रेड की काली ईंट से तैयार हो रहा है बिल्डिंग, बच्चा काम करते आया नज़रक व्यक्ति विशेष की चरण पादुका करते हुए संगठन को गिरवी रख दिये हैं। इसके अलावा भी बसंत मित्तल पर कई गंभीर आरोप लगाए गए और उपस्थित सभी सदस्यों ने माना कि बसंत मित्तल ने सम्मेलन को कमज़ोर करने एवं एकाधिकार बनाने का काम किया है।

इस बात पर भी चर्चा हुई कि किस प्रकार बसंत मित्तल ने सारे लोक-लाज को ताक पर रखकर और झूठ बोलकर लगभग सत्रह जिलों का समर्थन पत्र हासिल कर साज़िश रची कि दूसरे प्रत्याशी को पांच जिलों का समर्थन न मिले और वे निर्विरोध अध्यक्ष बन जाएं। सभी जिला अध्यक्षों ने एक सिरे से बसंत मित्तल की उम्मीदवारी को खारिज कर दिया और एक सशक्त निर्विवाद उम्मीदवार देने की बात कही। सभा में कृष्णा अग्रवाल, मुकेश मित्तल, पवन शर्मा एवं विनोद जैन को भी प्रत्याशी बनने का आग्रह किया गया, किंतु चारों एवं उपस्थित सभी सदस्यों ने रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष एवं फेडरेशन ऑफ झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व महासचिव सुरेश चंद्र अग्रवाल को प्रत्याशी बनने पर बल दिया।

जमशेदपुर के उमेश शाह भी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन का अध्यक्षीय प्रत्याशी बनना चाह रहे थे और इसी सिलसिले में तीन दिनों पूर्व उन्होंने पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष मुकेश मित्तल के आवासीय कार्यालय में मुलाकात कर समर्थन मांगा था। मुकेश मित्तल ने उमेश शाह को बताया था कि रांची में जिला अध्यक्षों की बैठक होने वाली है और उसके बाद ही वे अपना निर्णय ले पाएंगें।

रांची में जिला अध्यक्षों की बैठक के समय उमेश शाह भी आ गए थे, किंतु वे बैठक में भाग नहीं लिए। सुरेश चंद्र अग्रवाल के प्रांतीय अध्यक्ष उम्मीदवार का नाम प्रस्ताव होने के बाद, उमेश शाह को सभा में बुलाया गया और उन्होंने भी सुरेश चंद्र अग्रवाल को अपना समर्थन देते हुए घोषणा कि वे प्रांतीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगें। इसका समर्थन पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष निर्मल काबरा और पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक मोदी ने भी किया। सभी की रज़ामंदी के उपरांत सुरेश चंद्र अग्रवाल ने प्रांतीय अध्यक्ष उम्मीदवार बनना स्वीकार किया और उपस्थित जिला अध्यक्षों संग जाकर मुख्य चुनाव पदाधिकारी विनय सरावगी से नामांकन पत्र खरीदा। धन्यवादज्ञापन रांची जिला के महासचिव विनोद जैन ने किया और सभी ने साथ में दोपहर का भोजन किया।

सभा में पूर्व प्रांतीय महासचिव पवन शर्मा, जमशेदपुर के महासचिव प्रदीप कुमार मिश्र, संजय कुमार शर्मा, पवन पोद्दार, अशोक नर्सरिया, अनिल कुमार अग्रवाल, कौशल राजगरिया, मनोज चौधरी, प्रमोद शाश्वत, बबलू हरित एवं रमन गोडा ने भी भाग लिया।

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