---Advertisement---

नोट फॉर वोट मामले में भाजपा नेता प्रवेश वर्मा और मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ “आप” ने की ईडी से शिकायत

By Tamishree Mukherjee

Published :

Follow
नोट फॉर वोट मामले में भाजपा नेता प्रवेश वर्मा और मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ ईडी से शिकायत

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / नई दिल्ली : दिल्ली में मतदाताओं को लुभाने के लिए खुलेआम पैसे बांटने के मामले में आम आदमी पार्टी ने भाजपा नेता प्रवेश वर्मा और मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ ईडी से शिकायत की है। गुरुवार को “आप” के वरिष्ठ नेता व सांसद संजय सिंह ईडी ऑफिस पहुंचे और इनके खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रवेश वर्मा के घर के अंदर अवैध करोड़ों रुपए पड़े हैं, लेकिन ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स विभाग का कोई छापा नहीं  पड़ रहा है।

यह भी पढ़े : पूर्व प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह का निधन देश के लिए एक बड़ी क्षति है – डा. अजय

इन जांच एजेंसियों और चुनाव आयोग के नाक न नीचे नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में खुलेआम वोटर्स में 1100-1100 रुपए बांटे जा रहे हैं। अगर ईडी रेड करती  तो करोड़ों रुपए मिलते। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर विपक्षी दलों के विधायकों-मंत्रियों को पकड़ने, सरकारों को गिराने और तोड़ने का काम करती है। अगर ईडी कोई कार्रवाई नहीं करती है तो हम सीबीआई, इनकम टैक्स विभाग और चुनाव आयोग से भी इसकी शिकायत करेंगे।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में जहां पर ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बैठा हुआ है। देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री बैठे हुए हैं और यहां पर चुनाव आयोग बैठा हुआ है, उनकी नाक के नीचे खुलेआम अरविंद केजरीवाल के विधानसभा क्षेत्र नई दिल्ली में 1100-1100 रुपए वोटर्स को रिश्वत के रूप में दिए जा रहे हैं। अगर ईडी वहां पर छापा मारे तो करोड़ों रुपए पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा के घर से बरामद हो सकते हैं। यह अवैध धन है और उस पैसे का इस्तेमाल खुलेआम दिल्ली में वोट खरीदने के लिए बांटा जा रहा है। मीडिया कर्मियों ने अपने कैमरे में उन महिलाओं के फोटो और वीडियो कैद किए हैं, जिन्हें 1100-1100 रुपए दिए गए। उसमें एक कार्ड है, जिसमें प्रधानमंत्री की फोटो लगी हुई है।

प्रवेश वर्मा सीना ठोक कर कह रहे हैं कि हम तो रुपए बांटेंगे। मनजिंदर सिंह सिरसा के इलाके में भी वह रुपए बांट रहे हैं। वोटर्स को लुभाने के लिए कैश दे रहे हैं। आज जब मैं इसकी शिकायत ईडी के दफ्तर में करने के लिए आया। इसके लिए बाकायदा मैंने मेल भेजकर बताया कि हम 4 बजे आएंगे। लेकिन जो ईडी हर काम में सक्रिय हो जाती है, उसके पास मिलने का समय नहीं है। उनके दफ्तर में यह रिसीविंग दी गई है। हमारा शिकायती पत्र ईडी ने रिसीव कर लिया गया है। इन्होंने इतना ही एहसान किया है। लेकिन किसी अधिकारी ने मिलकर शिकायत सुनने की जरूरत नहीं समझी।

संजय सिंह ने आगे कहा कि इसका मतलब साफ है कि ईडी सिर्फ और सिर्फ सत्ता पक्ष के कहने पर, प्रधानमंत्री के इशारे पर विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री को पकड़ना, सरकारों को गिराना और तोड़फोड़ करने की एजेंसी बन गई है। यह पीएमएलए का सीधा-सीधा मामला है। प्रवेश वर्मा को पुलिस प्रोटेक्शन मिली हुई है। पुलिस वहां पर खड़ी है। वह पुलिस के संरक्षण में रुपए बांट रहे हैं। उनके घर के अंदर अवैध करोड़ों रुपए मौजूद हैं लेकिन कोई ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का छापा नहीं हो रहा है। इसलिए आगे सीबीआई और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से भी मिलकर इसकी शिकायत करेंगे। चुनाव आयोग से भी मिलकर इसकी शिकायत करेंगे। इस मामले में जहां-जहां भाजपा के लोग यह काम कर रहे हैं या काम करते हुए पाए जाएंगे तो उनकी शिकायत करेंगे और उनके खिलाफ लड़ाई लड़ने का काम करेंगे। लोकतंत्र का कैसे गला घोंटा जा रहा है। किस तरह से पूरा का पूरा सिस्टम ढह गया है। किस तरह से चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट खामोश हैं और दिल्ली में भाजपा रुपए बांट रही है, यह सबके सामने आ चुका है।

संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली की जनता को केजरीवाल पर भरोसा है, उनकी योजना पर भरोसा है। जिस तरह उन्होंने मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा, इलाज, महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा और बुजुर्गों की फ्री तीर्थ यात्रा की, ऐसे ही 2100  रुपए की महिला सम्मान राशि मुख्यमंत्री बनने के बाद हर महिला के खाते में पहुंचाएंगे। संजीवनी योजना के तहत बुजुर्गों का फ्री इलाज कराया जाएगा। यह जो हमारा संकल्प है हम उसे पूरा करेंगे। भाजपा जो नोट बांटकर वोट खरीदने की यह योजना चला रही है, यह जनता के सामने आ चुका है और जनता इन्हें जवाब देगी।

संजय सिंह ने कहा कि अगर यह एनजीओ का पैसा है तो यह राजनैतिक कामों में कैसे इस्तेमाल हो सकता है? एनजीओ का पैसा प्रधानमंत्री की फोटो लगाकर बांटा जा रहा है? 10 साल सांसद रहते हुए तो उन्होंने एनजीओ का पैसा कभी नहीं बांटा। अब चुनाव के वक्त ही क्यों बांट रहे हैं? उनके पास जो करोड़ों रुपए का अवैध धन पड़ा है, उससे पैसे बांटे जा रहे हैं। यह सीधे-सीधे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है। बाकी इसके और कानूनी पक्षों पर हम विचार कर रहे हैं।

संजय सिंह ने ईडी को दी शिकायत में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के पास भारी मात्रा में कैश है जिसका कोई हिसाब किताब नहीं है। साथ ही, ऐसा कोई सोर्स भी नहीं है जहां से अपराधिक गतिविधियों के अलावा यह बेहिसाब कैश प्राप्त किया गया है। प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने पूर्व सांसद होने के अपने पद का दुरुपयोग करते हुए यह नकद राशि अवैध तरीके से उत्पन्न की है। यह राशि करोड़ों रुपयों की है और इसका उद्देश्य खुद को अवैध रूप से फायदा पहुंचाना है। यह अवैध रूप से उत्पन्न की गई नकद राशि का उपयोग अवैध कामों के लिए किया जा रहा है, जिसमें आरोपी अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वोटरों को प्रभावित करने के लिए रिश्वत देने का काम कर रहे हैं।

यह एक बहुत बड़ी नकद राशि है जिसे वोट डालने के अधिकार को प्रभावित करने के लिए, गलत दस्तावेज़ तैयार करके और उसे असली मानकर दिखाने के इरादे से अवैध रूप से वितरित किया गया है। यह अपराध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 170, 318(4), 335, 336 और 340 के तहत दंडनीय है, क्योंकि इसका उद्देश्य गलत तरीके से चुनाव पर प्रभाव डालना और धोखाधड़ी करना था।

संजय सिंह ने आगे कहा है कि प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और भारतीय जनता पार्टी के अन्य सदस्यों ने मिलकर झूठे और बनावटी दस्तावेज तैयार किए हैं, जिससे आम जनता को यह गलत जानकारी दी जा रही है कि 1,100 रुपये की नकद राशि के साथ कार्ड वितरित किए जा रहे हैं, जो किसी सरकारी योजना के तहत है। यह जानकारी गलत और झूठी है, क्योंकि यदि योजना सही होती, तो राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती, न कि नकद के रूप में दी जाती। आरोपियों ने जानबूझकर और योजनाबद्ध तरीके से दस्तावेजों को फर्जी तरीके से तैयार किया, ताकि ‘लाडली बहना योजना कार्ड’ का हवाला देकर उनके दावे को समर्थन मिल सके।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक तौर पर यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध बनता है, जो कि 2002 के मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून की धारा 3 के तहत दंडनीय है और धारा 4 के तहत सजा दी जा सकती है। इसमें आरोपियों, प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और अन्य लोगों के पास बड़ी मात्रा में अवैध तरीके से प्राप्त नकद राशि होने का मामला है, जिसे चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को वोट दिलवाने के लिए खुलेआम लोगों में बांटकर अवैध रूप से इस्तेमाल किया गया। अपराध से प्राप्त राशि की सही मात्रा केवल एक विस्तृत जांच के बाद ही पता चल सकती है। लगभग 2-3 करोड़ रुपए की बड़ी नकद राशि वितरित की गई होगी, क्योंकि पिछले 2-3 दिनों से पैसे बांटे जा रहे है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version