सोशल संवाद/डेस्क : दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से मुलाकात कर आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं को गलत तरीके से “शिफ्टेड” दिखाया जा रहा है। पार्टी ने चुनाव आयोग से ऐसे सभी मतदाताओं का डेटा राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ साझा करने की मांग की है, ताकि उनका स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जा सके।

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दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिला। इस दौरान विधायक संजीव झा, कुलदीप कुमार और अन्य नेता भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी को दिल्ली के कई इलाकों से शिकायतें मिली हैं कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने हर घर तक एन्यूमरेशन फॉर्म नहीं पहुंचाए। खासकर अनधिकृत कॉलोनियों, गांवों और झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले कई लोगों को फॉर्म नहीं मिले, जबकि रिकॉर्ड में उन्हें “शिफ्टेड” दिखा दिया गया।
AAP का कहना है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं, जो नौकरी या किराए के मकान की वजह से समय-समय पर एक इलाके से दूसरे इलाके में जाते हैं। ऐसे लोगों को भी वास्तविक मतदाता होने के बावजूद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि जिन लोगों को “शिफ्टेड” बताया गया है, उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के BLA के साथ साझा किया जाए। AAP का कहना है कि इससे राजनीतिक दल खुद भी फोन कर यह पता लगा सकेंगे कि संबंधित मतदाता वास्तव में उस पते से स्थानांतरित हुआ है या नहीं।
वहीं, विधायक संजीव झा ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को गलती से “शिफ्टेड” दिखा दिया गया है और वह खुद सामने आकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है, तो उसे दोबारा SIR प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग ने इस सुझाव पर सकारात्मक रुख दिखाया है।
कोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने भी दावा किया कि जमीनी स्तर पर कई लोगों तक एन्यूमरेशन फॉर्म नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि घुमंतू समुदायों, किरायेदारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों तक भी चुनाव आयोग को पहुंच बनानी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, AAP का कहना है कि बैठक के दौरान आयोग ने कुछ सुझावों पर विचार करने का भरोसा दिया है। आने वाले दिनों में SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।
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