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कृतिवास मंडल को धमकी मामले में एक सप्ताह के अंदर जांच कर कार्रवाई की जाएगी – नगर पुलिस अधीक्षक

By Tamishree Mukherjee

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कृतिवास मंडल को धमकी मामले में एक सप्ताह के अंदर जांच
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सोशल संवाद / जमशेदपुर: आरटीआई कार्यकर्ता संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष दिल बहादुर के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक नगर कुमार शिवाषिस और उपायुक्त अनन्य मित्तल से उच्चस्तरीय 11 प्रतिनिधि मंडल मिलकर ज्ञापन सौंपा गया . प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से सदन कुमार ठाकुर उपाध्यक्ष सह मुख्य संयोजक बाल मजदूर मुक्ति सेवा सदन दिनेश कुमार किनू ,उपाध्यक्ष सह अध्यक्ष झारखंड मानवाधिकार संघ ,सचिव दिनेश कर्मकार, अशुतमा कर्मकार, राजू गुप्ता ,सत्येन्द्र सिंह फौजी ,कांग्रेस चन्द्र महतो, सुनील मूर्मू, राजू बेसरा, चन्द्र शेखर रजक, रिषि केसरी मौजूद थे .  

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उपायुक्त अनन्य मित्तल के द्वारा प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया गया कि वे संबंधित अधिकारी को निर्देश देंगे कि कृतिवास मंडल को धमकी देने वाले का मोबाइल का पता लगाकर कर कार्रवाई की जाएगी. वहीं सिटी एसपी ने कहा कि कृतिवास मंडल को धमकी देने वाले को पहचान एक सप्ताह के अंदर कर कार्रवाई करेंगे.

ज्ञापन में कहा गया है कि आरटीआई कार्यकर्ता संघ के महासचिव कृतिवास मंडल को दिनांक 18/05/2025 को रात्रि लगभग 10:11बजे अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन पर धमकी दी गई क्योंकि वे सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत पोटका प्रखंड विकास पदाधिकरी सह जन सूचना अधिकारी से विभिन्न विषयों पर जानकारी /सूचना मांगे थे. इस संदर्भ में कृतिवास मंडल के द्वारा दिनांक 20/05/2025 वरीय पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई थी . लेकिन यह अत्यंत खेदजनक है कि इतनी गंभीर घटना के उपरांत भी अब तक कोई सुस्पष्ट कार्रवाई या प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जिससे यह प्रतीत होता है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले को लेकर उदासीन है.

आरटीआई कार्यकर्ता संघ केन्द्रीय समिति के द्वारा वरीय पुलिस अधीक्षक को अवगत कराना आवश्यक है कि कृतिवास मंडल एक निष्ठावान सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट हैं, जो लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाते रहे हैं और कई महत्वपूर्ण मामलों का खुलासा कर चुके हैं. ऐसे व्यक्ति को धमकी दिया जाना न केवल कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है.

यह सर्वविदित है कि सरकार भ्रष्टाचारमुक्त एवं पारदर्शी प्रशासन के लिए वचनबद्ध है एवं आर टी आई कार्यकर्ता भ्रष्टाचार को उजागर करने एवं पारदर्शिता लाने में सरकार और जिला प्रशासन की सहयोग करते हैं एवं लोकतांत्रिक प्रणाली की मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाते है ऐसे में सरकार और प्रशासन का उत्तरदायित्व है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान करें.

आरटीआई कार्यकर्ता संघ के द्वारा वरीय पुलिस अधीक्षक श्री किशोर कौशल से अनुरोध किया गया है कि

1.धमकी देनेवाले अज्ञात व्यक्ति की शीघ्र पहचान कर उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।

2 श्री कृतिवास  मंडल की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

3 चूंकि मामला पोटका प्रखंड कार्यालय से जुड़ा है पोटका प्रखंड कार्यालय के पदाधिकारी और कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है इसलिए इसकी भी जांच कर खुलासा किया जाए।

4 जिले में सक्रिय सभी आरटीआई कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए।

आरटीआई कार्यकर्ता संघ ने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आरटीआई कार्यकर्ता संघ बाध्य होकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनात्मक कदम उठाने को विवश होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से संघ के केन्द्रीय उपाध्यक्ष सदन कुमार ठाकुर, सुशेन गोप, सत्येन्द्र सिंह, दिनेश कुमार किनू, चमपाई सोरेन, विश्वनाथ महतो ,कांग्रेस चन्द्र महतो, निर्मल गोप ,बाबूराम मारडी, चन्द्र शेखर रजक सुनील मुर्मू, अशुशतमा कर्मकार ,अभिशेक कुमार, राजू गुप्ता, संतोष कुमार गुप्ता, सावन मुर्मू, अभिराम सामद, सुनील कुमार प्रसाद, राजू बेसरा, पुलक मंडल, सुब्रतो मंडल, रिषि केसरी ,बिजय सिंह मुंडा, सहित सैकड़ों आरटीआई कार्यकर्ता मौजूद थे.

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