सोशल संवाद / डेस्क : Adityapur से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गले में कुछ फंस जाने के बाद एक मासूम बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई, लेकिन समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश और दुख का माहौल है।

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कई नर्सिंग होम के चक्कर लगाते रहे परिजन
परिजनों के अनुसार बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए सबसे पहले आदित्यपुर-2 स्थित 111 नर्सिंग होम ले जाया गया। वहां डॉक्टर मौजूद नहीं मिले। इसके बाद परिजन बच्चे को शिवा नर्सिंग होम, गंगोत्री हॉस्पिटल और साई नर्सिंग होम लेकर पहुंचे, लेकिन कहीं भी तत्काल इलाज शुरू नहीं हो सका।
मासूम की मां बच्चे को गोद में लेकर लगातार मदद की गुहार लगाती रही। स्थानीय लोगों ने भी सहयोग किया और निजी वाहन से बच्चे को Tata Main Hospital पहुंचाया गया।
TMH पहुंचने तक हो चुकी थी देर
टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक अगर बच्चे को समय पर प्राथमिक उपचार मिल जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
इस दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निजी अस्पतालों की व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जिले में कई निजी नर्सिंग होम और अस्पताल संचालित हो रहे हैं, लेकिन आपातकालीन स्थिति में डॉक्टरों का उपलब्ध नहीं होना बेहद चिंताजनक है।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच करने और लापरवाही बरतने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग से कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद लोगों ने मांग की है कि जिले के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की कार्यप्रणाली की जांच की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
यह घटना एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और निजी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।










