Responsive Full Width Slider
Advertisement 1
Advertisement 2

चम्पाई सोरेन के कार्यक्रम पर प्रशासनिक रोक का आरोप, मामला राज्यपाल तक पहुंचा

By Muskan Thakur

Published :

Follow
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/रांची : शहीद स्मारक समिति सिरिंगसिया घाटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर, राज्य सरकार पर प्रति वर्ष शहीद दिवस (2 फरवरी) पर होने वाले कार्यक्रम को रोकने की साजिश का आरोप लगाया।

ये भी पढे : डिप्टी CM सम्राट चौधरी का बिहार पुलिस को सख्त संदेश: “हथियार चलाना नहीं आता तो नौकरी छोड़ें”

Sunrise Enclave
ASL Motors and Dilip Kia

राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में समिति के अध्यक्ष महेन्द्र लागूरी ने लिखा कि पिछले 45 वर्षों से उनकी संस्था वीर पोटो हो समेत कोल विद्रोह के अन्य महानायकों के सम्मान में 2 फरवरी को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करती है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा खेल कूद से जुड़े आयोजन भी होते हैं।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी, शहीद स्थल पर होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में है, ग्रामीणों द्वारा मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री चम्पाई सोरेन का भी चयन किया जा चुका है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंत्री श्री दीपक बिरुआ के दबाव में, जिला प्रशासन द्वारा इस कार्यक्रम को रद्द करने का दवाब बनाया जा रहा है।

समिति के सदस्यों के अनुसार, पिछले कई दशकों से यह संस्था निष्पक्ष एवं निर्विवाद ढंग से यह आयोजन करती आ रही है तथा इस दौरान कभी भी, किसी भी शख्स को यहाँ आकर श्रद्धांजलि देने से नहीं रोका गया। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिला प्रशासन द्वारा हमारे मुख्य अतिथि को आने से रोकने अथवा पूरे कार्यक्रम को रद्द करने की बात कही जा रही है।

उन्होंने प्रशासन की इस कोशिश को आयोजन समिति के अधिकारों को छीनने का प्रयास बताते हुए कहा कि कहीं ना कहीं यह सिरिंगसिया के ग्रामीणों एवं वीर शहीदों का भी अपमान है, जो पूर्णतः अस्वीकार्य है।

पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले इस शहीद स्थल के सम्मान की रक्षा हेतु राज्यपाल से संरक्षण की मांग करते हुए समिति ने प्रशासनिक मनमानियों को रोकने हेतु जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने दावा किया कि राज्यपाल महोदय ने इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए, जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

ज्ञात हो कि पहले भी, हूल दिवस तथा संथाल परगना स्थापना दिवस के अवसर पर, साहेबगंज में पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के कार्यक्रमों को प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं देने के बाद, प्रशासन की भूमिका पर कई सवाल उठे थे।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Social Samvad Creator