सोशल संवाद / डेस्क : देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी बीच AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए महंगाई को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिस महंगाई को पहले सरकार के लिए ‘डायन’ बताया जाता था, वही अब ‘डार्लिंग’ बन गई है।

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शादाब चौहान ने चीनी के बढ़ते दामों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पिछली सरकार में जो महंगाई इनके लिए डायन थी, वो अब डार्लिंग बन गई है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
त्योहारों से पहले बढ़े चीनी के दाम
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय में चर्चा का विषय बनी है, जब त्योहारों का सीजन शुरू हो रहा है। रक्षाबंधन के बाद दिवाली जैसे त्योहारों पर मिठाइयों की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में चीनी महंगी होने का सीधा असर मिठाई और घरेलू बजट पर पड़ सकता है।
AIMIM नेता ने चीनी की कीमतों को लेकर सरकार पर कई आरोप भी लगाए। उन्होंने चीनी की बढ़ती कीमतों को त्योहारों, मिठाइयों और एथेनॉल नीति से जोड़ते हुए सवाल उठाए। हालांकि, ये बातें शादाब चौहान के राजनीतिक आरोप और दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
सरकार ने महंगाई की बताई अलग वजहें
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर उपलब्ध जानकारी में कम उत्पादन, त्योहारों से पहले बढ़ी मांग, मौसम का असर, वैश्विक आपूर्ति में कमी और बाजार में संभावित जमाखोरी जैसे कारणों का उल्लेख किया गया है। यानी चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई आर्थिक और बाजार संबंधी कारण बताए जा रहे हैं।
फिलहाल चीनी की महंगाई का मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। AIMIM के बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी बढ़ने की संभावना है।









