सोशल संवाद / डेस्क : जमशेदपुर में बिष्टुपुर थाना पुलिस पर न्यायालय के आदेश की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगा है। सोनारी स्थित CP Club निवासी Naresh Kumar ने आरोप लगाया है कि अदालत के स्पष्ट निर्देश के बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
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कोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं
पीड़ित Naresh Kumar के अनुसार, उन्होंने घटना को लेकर पहले बिष्टुपुर थाना और बाद में वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
बताया गया कि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा धारा 175(4) बीएनएसएस 2023 के तहत आदेश जारी किया गया था, जिसकी प्रति 28 अप्रैल 2026 को संबंधित थाना को प्राप्त हुई। इसके बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने पर पीड़ित ने 15 मई 2026 को एसएसपी को पुनः शिकायत दी है।
कार छीनने और मारपीट का आरोप
पीड़ित ने आरोप लगाया कि 11 जनवरी 2026 की शाम वह बिष्टुपुर क्षेत्र में अपनी कार संख्या JH-05DD-9486 पार्क कर जुडियो मॉल जा रहे थे। इसी दौरान Karandeep Singh नामक व्यक्ति ने उनसे बातचीत शुरू की और कुछ देर बाद अपने साथियों के साथ पहुंच गया।
आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें जबरन कार में बैठाया और मारपीट की, जिससे आंख, चेहरा और छाती में चोट आई। इसके बाद उन्हें साकची गाढ़ाबासा क्षेत्र में ले जाया गया।
जबरन दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने धमकाकर उनसे कोरे कागज पर कार बेचने से संबंधित लिखावट करवाई और सादे कागजों पर हस्ताक्षर भी कराए। साथ ही परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई, जिसके कारण डर के माहौल में उन्हें आरोपियों की बात माननी पड़ी।
पुलिस प्रशासन पर उठ रहे सवाल
इस मामले में न्यायालय के आदेश के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के आरोप ने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित का कहना है कि उनकी कार अब तक बरामद नहीं की गई है और मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अब देखना होगा कि वरीय पुलिस अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और न्यायालय के आदेश के अनुपालन को लेकर क्या कार्रवाई होती है।










