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अग्रिम जमानत के बावजूद प्रताड़ना और ₹2,000 वसूली का आरोप, पीड़ित ने SSP से की शिकायत

By Riya Kumari

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अग्रिम जमानत के बावजूद प्रताड़ना और ₹2,000 वसूली का आरोप, पीड़ित ने SSP से की शिकायत
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सोशल संवाद / जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के सोनारी थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक गंभीर शिकायत सामने आई है। एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि न्यायालय से अग्रिम जमानत मिलने और गिरफ्तारी पर रोक के आदेश के बावजूद उसे थाना बुलाकर प्रताड़ित किया गया, हाजत में बंद करने की धमकी दी गई और ₹2,000 जबरन लिए गए। मामले को लेकर पीड़ित ने वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

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क्या है पूरा मामला?

सोनारी निवासी श्याम शर्मा (पिता: स्व. प्रह्लाद राम शर्मा) के अनुसार, उनके खिलाफ सोनारी थाना में कांड संख्या 45/26 दर्ज है। मामले में अनुसंधानकर्ता द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया गया था, जिसका उन्होंने जवाब भी दिया था।

श्याम शर्मा का कहना है कि उन्होंने इस मामले में जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका संख्या 831/26 दाखिल की थी। उनके अनुसार, 25 जून 2026 को अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया था।

बार-बार नोटिस और धमकी देने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अदालत से राहत मिलने के बावजूद अनुसंधानकर्ता द्वारा लगातार नोटिस भेजे गए। पीड़ित का दावा है कि उनके घर पर रात में छापेमारी की गई और थाना नहीं आने पर गिरफ्तारी एवं हाजत में बंद करने की धमकी दी गई।

थाने में मोबाइल छीनने और ₹2,000 लेने का आरोप

पीड़ित के मुताबिक, अनुसंधानकर्ता के फोन पर बुलाए जाने के बाद वह 26 जून 2026 को दोपहर करीब 12 बजे सोनारी थाना पहुंचे। वहां थाना प्रभारी और अनुसंधानकर्ता द्वारा उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनका मोबाइल फोन कुछ समय के लिए अपने कब्जे में ले लिया गया, कोर्ट के आदेश का हवाला देने पर उनसे कहा गया कि “कानून हमें मत सिखाइए” और उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई।

पीड़ित का आरोप है कि उन्हें हाजत में बंद करने की धमकी देकर ₹2,000 लिए गए तथा समझौता (सुलेहनामा) करने का दबाव भी बनाया गया।

SSP से कार्रवाई की मांग

श्याम शर्मा ने पूरे मामले की लिखित शिकायत वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम को दी है। शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-2) को भी भेजी गई है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

जिला न्यायालय में भी दाखिल की याचिका

पीड़ित के अनुसार, उन्होंने 27 जून 2026 को जिला न्यायाधीश की अदालत में शपथपत्र के साथ एक याचिका भी दायर की है। याचिका में थाना प्रभारी और अनुसंधानकर्ता पर न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। मामले में सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है।

अधिवक्ता का दावा

पीड़ित के अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने दावा किया है कि संबंधित मामले में थाना स्तर पर कार्रवाई को लेकर कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

पुलिस का पक्ष आना बाकी

इस मामले में समाचार लिखे जाने तक सोनारी थाना या पूर्वी सिंहभूम पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का पक्ष मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।

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