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ग्राम सभा अधिकारों की अनदेखी का आरोप, संयुक्त ग्राम सभाओं ने प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी

By Riya Kumari

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ग्राम सभा अधिकारों की अनदेखी का आरोप, संयुक्त ग्राम सभाओं ने प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी
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सोशल संवाद / जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड की चार संयुक्त ग्राम सभाओं रोहिणी बेड़ा, बड़ा झरनागीह, भाटिन और तिलाईटांड़ ने ग्राम सभा अधिकारों, पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और पेसा (PESA) अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रशासन को अंतिम आवेदन सौंपा है। ग्राम सभाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगी।

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संयुक्त ग्राम सभाओं द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बड़ा झरनागीह स्थित मां रंकिनी मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न निर्माण कार्य ग्राम सभा की अनुमति और सहमति के बिना कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में कई बार आवेदन और ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक न तो निष्पक्ष जांच कराई गई और न ही प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

ग्राम सभाओं का आरोप है कि संबंधित परियोजनाओं की स्वीकृति, कार्यादेश, वित्तीय प्रावधान तथा ग्राम सभा प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों में भ्रम, असंतोष और अविश्वास का माहौल पैदा हो गया है।

संयुक्त ग्राम सभाओं की प्रमुख मांगें

संयुक्त ग्राम सभाओं ने प्रशासन से अगले 10 दिनों के भीतर निम्नलिखित मांगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है

  • मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई जाए।
  • जांच प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की जानकारी ग्राम सभाओं को उपलब्ध कराई जाए।
  • ग्राम सभा की अनुमति और सहमति के बिना किए जा रहे कार्यों की वैधानिकता की जांच हो।
  • पेसा अधिनियम एवं ग्राम सभा अधिकारों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
  • मां रंकिनी मंदिर सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास परियोजनाओं से संबंधित स्वीकृति, कार्यादेश, वित्तीय प्रावधान और ग्राम सभा प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
  • जांच पूरी होने तक विवादित कार्यों पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उचित निर्णय लिया जाए।

10 दिन का अल्टीमेटम

संयुक्त ग्राम सभाओं ने स्पष्ट किया है कि यदि 10 दिनों के भीतर मामले की निष्पक्ष जांच कर लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे अपने संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्राम सभाओं ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

इस आवेदन पर ग्राम सभा बड़ा झरनागीह, ग्राम सभा रोहिणी बेड़ा, ग्राम सभा भाटिन और ग्राम सभा तिलाईटांड़ के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए हैं।

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