सोशल संवाद / रांची : जेएसएससी की सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही झारखंड सीआईडी ने एक और गिरफ्तारी की है। सीआईडी ने 5 सितंबर को पलामू के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के डुमरी निवासी कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया। कुंदन सीजीएल परीक्षा में सफल होने के बाद गुमला के सिसई में पोस्टेड था। कार्रवाई सीआईडी थाना कांड 01/2025 के तहत की गई है। सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े मामले की जांच में यह बात सामने आई है कि कुंदन ने परीक्षा के पहले पेपर के लिए पैसे दिए थे। इससे जुड़े साक्ष्य भी सीआईडी को मिले हैं।
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एक गैंग के जरिए वह मिथिलेश के संपर्क में आया था। कुंदन ने अपने अलावा एक दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई थी। सीजीएल मामले में सीआईडी की कार्रवाई पिछले कुछ सप्ताह में तेज हुई है। 27 अगस्त को परीक्षा संचालन से जुड़े सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया गया था। इसके अगले दिन 28 अगस्त को सीआईडी ने परीक्षा में सफल चार अभ्यर्थियों दीपक कुमार, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह और उमेश कुमार राय को गिरफ्तार किया। इसके बाद 30 अगस्त को गिरिडीह के बेंगाबाद निवासी समीर कुमार को गिरफ्तार किया गया था।
बता दें कि सीजीएल परीक्षा के जरिए बहाल सफल अभ्यर्थियों के मामले में सीआईडी अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने की तैयारी में है। सीआईडी अबतक 250 से अधिक अभ्यर्थी से पूछताछ कर चुकी है। अबतक के तथ्य में 100 से अधिक ने अनुचित साधनों का इस्तेमाल किया है।
एनएचएम के कई कर्मचारी सीआईडी रडार पर
जेपीएससी और जेएसएससी से शुरू मेधा घोटाले की जांच अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड की ओर बढ़ती दिख रही है। सीआईडी एनएचएम में कार्यरत योगेंद्र कुमार को तलाश रही है। वह फिलहाल फरार है। योगेंद्र अनुबंध के आधार पर चालक के पद पर तैनात है, लेकिन वह कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता है। इसी के साथ बुद्धेश्वर भगत भी एनएचएम में अनुबंध के आधार पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था। मेधा घोटाले में बुद्धेश्वर को सीआईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल वह जेल में है। पूछताछ में बुद्धेश्वर ने एनएचएम में की गयी अनुबंध आधारित नियुक्ति में अभय तिवारी की सेटिंग को लेकर भी सीआईडी को कई अहम जानकारी दी है।









