सोशल संवाद / सरायकेला: सरायकेला प्रखंड के मुरुप गांव स्थित अर्जुन लाइब्रेरी भवन मरम्मत और रखरखाव के अभाव में जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। ग्रामीणों और पुस्तकालय समिति ने भवन की मरम्मत, रंगाई-पुताई और समुचित जीर्णोद्धार कराने की मांग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से की है।
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लाइब्रेरी समिति के अध्यक्ष हेमसागर प्रधान ने बताया कि वर्ष 2001 में तत्कालीन खरसावां विधायक अर्जुन मुंडा की विधायक निधि से इस पुस्तकालय भवन का निर्माण कराया गया था। निर्माण के बाद से अब तक भवन की न तो मरम्मत हुई और न ही रंगाई-पुताई कराई गई। समय के साथ भवन की स्थिति काफी खराब हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष गांव के युवा विद्यार्थियों ने श्रमदान कर पुस्तकालय के अंदरूनी हिस्से की रंगाई की थी, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वह भी अब खराब होने लगी है। पुस्तकालय समिति ने पंचायत प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से जल्द पहल करने की अपील की है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का प्रमुख केंद्र बना लाइब्रेरी
ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए अर्जुन लाइब्रेरी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। यहां मुरुप और आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं नियमित रूप से अध्ययन करने पहुंचते हैं।
हेमसागर प्रधान ने बताया कि लाइब्रेरी में JPSC, UPSC, JSAC, रेलवे समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी कई उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद युवा यहां निशुल्क अध्ययन कर अपने भविष्य को संवारने में जुटे हैं।
‘पुस्तक संग्रह अभियान’ से मिली मदद
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में चलाए गए ‘पुस्तक संग्रह अभियान’ के तहत पुस्तकालय को कई पुस्तकें और फर्नीचर दान स्वरूप प्राप्त हुए हैं। हालांकि अब तक भवन निर्माण के अलावा किसी प्रकार का सरकारी अनुदान नहीं मिला है।
पुस्तकालय प्रबंधन समिति का कहना है कि यदि भवन का जल्द जीर्णोद्धार नहीं कराया गया, तो विद्यार्थियों को पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। समिति ने प्रशासन से पुस्तकालय की मरम्मत कर इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की मांग की है।
इस मांग को लेकर हेमसागर प्रधान, शिक्षक आनंद महतो, धर्मेंद्र प्रधान, शिबु प्रमाणिक, विकास प्रमाणिक, मृत्युंजय प्रमाणिक, धनंजय प्रमाणिक, निरंजन प्रमाणिक, राजा प्रमाणिक, आशीष प्रमाणिक, अमीर प्रमाणिक, राहुल प्रमाणिक, संतोष महतो और ललित प्रधान समेत कई ग्रामीणों ने आवाज उठाई है।










