सोशल संवाद/डेस्क : भारत के थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार ने हमें फ्री हैंड दिया था। ऑपरेशन में हम चेस खेल रहे थे। हमें नहीं पता था दुश्मन की अगली चाल क्या होगी और हम क्या करने वाले हैं।’

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उन्होंने कहा- हम शतरंज की चालें चल रहे थे और वह (दुश्मन) भी शतरंज खेल रहा था। कहीं हम उन्हें शह और मात दे रहे थे तो कहीं हम अपनी जान गंवाने के जोखिम पर भी हार मान रहे थे, लेकिन यही तो जिंदगी है।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि इसे ग्रे जोन कहा जाता है। इसका मतलब है कि हम पारंपरिक ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं। 4 अगस्त को IIT मद्रास में ‘अग्निशोध’- इंडियन आर्मी रिसर्च सेल (IARC) के उद्घाटन के दौरान उन्होंने यह बात कही थी। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर-आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में एक नया अध्याय’ पर भी संबोधित किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को सुनियोजित, खुफिया-आधारित ऑपरेशन बताया, जो एक सैद्धांतिक बदलाव को दर्शाता है।
25 अप्रैल को प्लानिंग की, 29 अप्रैल पीएम से मुलाकात
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा- 25 अप्रैल को हमने उत्तरी कमान का दौरा किया। यहां ऑपरेशन की प्लानिंग की, जिसमें हमने 9 में से 7 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, इसमें कई आतंकी भी मारे गए। उन्होंने कहा कि 29 अप्रैल को पीएम मोदी से मुलाकात की। यह महत्वपूर्ण है कि कैसे एक छोटा सा नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पूरे देश को जोड़ता है। यह एक ऐसी बात है जिसने पूरे देश को प्रेरित किया। यही कारण है कि पूरा देश कह रहा था कि आपने इसे क्यों रोक दिया? यह सवाल पूछा जा रहा था और इसका भरपूर जवाब दिया गया है।









