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महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, कोर्ट में पेश नहीं होने पर सख्त हुआ रुख

By Sanjana Das

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महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, कोर्ट में पेश नहीं होने पर सख्त हुआ रुख
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

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महिलाओं के अपमान और नफरत फैलाने वाले भाषण देने के आरोपों से जुड़े मामले में अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है।

कई समन के बावजूद कोर्ट में नहीं हुईं पेश

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मामले में अदालत की ओर से महुआ मोइत्रा को पहले भी कई बार समन जारी किए गए थे। हालांकि, वह किसी भी सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुईं। मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि महुआ मोइत्रा बुधवार को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हों।

इसके बावजूद वह सुनवाई के दौरान अदालत नहीं पहुंचीं। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश पारित किया।

कोर्ट ने क्यों जारी किया गिरफ्तारी वारंट?

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कोर्ट के बार-बार दिए गए निर्देशों की लगातार अवहेलना से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी अदालत के आदेशों का पालन करने के प्रति गंभीर नहीं हैं। अदालत के मुताबिक, ऐसी स्थिति में गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचता।

न्यायाधीश ने यह भी कहा कि महुआ मोइत्रा की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि सांसद सुनवाई में उपस्थित नहीं होंगी। कोर्ट ने इस रवैये को गंभीरता से लिया और कहा कि इससे अदालत के प्रति सम्मान की कमी का संकेत मिलता है।

वकील ने जताई दुर्व्यवहार की आशंका

वहीं, महुआ मोइत्रा के वकील ने अदालत में उनकी सुरक्षा को लेकर आशंका जताई। वकील ने कहा कि अगर टीएमसी सांसद अदालत में पेश होने के लिए आती हैं तो उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने की आशंका है।

हालांकि, अदालत ने इस दलील के बावजूद अपने आदेश में बदलाव नहीं किया और महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का फैसला बरकरार रखा।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला महुआ मोइत्रा पर महिलाओं का अपमान करने और कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषण देने के आरोपों से जुड़ा है। मामले की सुनवाई के दौरान उनकी गैरहाजिरी को लेकर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है।

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