आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से 20 दिन की पैरोल, राज्य सरकार की आपत्ति को बताया अपर्याप्त

By Riya Kumari

Published :

Follow
आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से 20 दिन की पैरोल, राज्य सरकार की आपत्ति को बताया अपर्याप्त

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने 20 दिन की नियमित पैरोल (Regular Parole) दे दी है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार आसाराम की पैरोल अर्जी खारिज करने के लिए पर्याप्त और ठोस कारण प्रस्तुत नहीं कर सकी।

यह भी पढे : इंदिरा नगर-कल्याण नगर अतिक्रमण अभियान पर विधायक पूर्णिमा दास साहू ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात, प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि आसाराम 13 वर्ष से अधिक समय से जेल में हैं और उन्हें पहले भी अंतरिम राहत मिली थी। उन अवधियों के दौरान उनके द्वारा किसी भी शर्त के उल्लंघन, फरार होने या कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने का कोई रिकॉर्ड सामने नहीं आया। इसी आधार पर अदालत ने 20 दिन की नियमित पैरोल मंजूर की।

राज्य सरकार ने किया था विरोध

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने पैरोल का विरोध करते हुए कहा कि आसाराम के खिलाफ अन्य मामले भी लंबित हैं, उनकी चिकित्सीय स्थिति और सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर भी चिंता है। सरकार ने यह भी आशंका जताई कि रिहाई से पीड़िता के परिवार की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। हालांकि अदालत ने माना कि इन आधारों पर पैरोल खारिज करने का पर्याप्त औचित्य नहीं दिखाया गया।

किन शर्तों पर मिली पैरोल?

हाईकोर्ट ने आसाराम को 20 दिन की नियमित पैरोल देते हुए निजी मुचलका और जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया। यह उनकी पहली नियमित पैरोल बताई जा रही है।

2013 के दुष्कर्म मामले में काट रहे हैं सजा

आसाराम वर्ष 2013 में एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए गए थे और वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी पैरोल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह राहत दी है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट

Exit mobile version