सत्य निकेतन हादसे के बाद शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने पिछली सरकारों पर दशकों की अनदेखी का लगाया आरोप

By Tamishree Mukherjee

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आशीष सूद

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सोशल संवाद / नई दिल्ली : दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की दुखद घटना के बाद पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई दशकों से चली आ रही उपेक्षा और कुप्रशासन के कारण दिल्ली में बुनियादी ढांचे और व्यवस्थाओं की स्थिति खराब हुई है।

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सूद ने कहा की कांग्रेस और आम आदमी पार्टी कुप्रशासन की टीम A और टीम B हैं, जिन्होंने अपने शासन के दौरान लगातार उपेक्षा की। पिछली आप सरकार ने कोई सुधार नहीं किया। खासकर कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास छात्रों के लिए संचालित पीजी आवासों को विनियमित करने के लिए कोई प्रभावी नियम-कायदे नहीं बनाए गए। पिछली सरकार ने इस स्थिति का फायदा उठाया और उसका उद्देश्य केवल कमाई और पैसा बनाना रहा।

वर्तमान सरकार के सामने पिछली व्यवस्था की कमियों को दूर करने की चुनौती को रेखांकित करते हुए श्री सूद ने कहा की हमें सत्ता में आए डेढ़ वर्ष हुए हैं। हम सुशासन देने के साथ-साथ पिछली 10-12 वर्षों की कुव्यवस्था को भी सुधारने का काम कर रहे हैं। सरकार के सामने दोहरी चुनौती है—एक ओर डेढ़ वर्ष में बेहतर शासन देना और दूसरी ओर ए-टीम और बी-टीम के 27 वर्षों की बदहाल व्यवस्था, जर्जर बुनियादी ढांचे और संस्थागत उपेक्षा की विरासत को ठीक करना।

सत्य निकेतन की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मंत्री ने बताया की सत्य निकेतन की घटना बेहद दुखद और हृदयविदारक है। इस हादसे से प्रभावित प्रत्येक परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। सरकार दिल्ली के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम कर रही है।
उन्होंने आगे कहा की हम विशेष रूप से छात्रों के लिए पीजी आवासों को विनियमित करने के लिए कानून पर पहले से काम कर रहे हैं। यह नियमन बहुत जल्द लागू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि शहरी विकास विभाग एक व्यापक विधेयक तैयार कर रहा है, जिसमें किराया नियंत्रण, खाद्य गुणवत्ता के मानक और स्थानीय व्यवसायों के नियमन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा।
हादसे में लापरवाही के लिए तत्काल जवाबदेही सुनिश्चित करने की कार्रवाई पर जोर देते हुए श्री आशीष सूद ने कहा, “इसीलिए केवल बातें नहीं, बल्कि निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। पहली बार निगम के उपायुक्त राकेश कुमार, जोन के इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठतम अधीक्षण अभियंता और कार्यकारी अभियंता को लापरवाही के लिए निलंबित किया गया है।

उन्होंने कहा की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई। व्यवस्था में व्यापक सुधार। सर्वोच्च सुरक्षा। जवाबदेही सर्वोच्च। दिल्ली सर्वोच्च। यही हमारी सरकार का मूल मंत्र है।

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