सोशल संवाद/डेस्क : मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। 4 अक्टूबर को लिखे गए इस पत्र में प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम से जुड़े कुछ मामलों की जांच कराने की मांग की गई है।
यह भी पढे : Delhi Liquor Price: दिल्ली में सस्ती हो सकती है प्रीमियम स्कॉच, 10 अक्टूबर के बाद 10-15% तक घट सकते हैं दाम
पत्र में आश्रम के भीतर दो गुट होने का दावा
दिनेश फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में दावा किया है कि प्रेमानंद महाराज के शिष्यों के बीच दो गुट बन गए हैं। पत्र के मुताबिक, एक गुट साधना और तपस्या से जुड़े संतों का है, जबकि दूसरे गुट पर संपत्ति से जुड़े मामलों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि इन विवादों से आहत होकर प्रेमानंद महाराज फिलहाल बेलवन स्थित आश्रम चले गए हैं।
संपत्ति और कथित जमीन कारोबार की जांच की मांग
पत्र में केलि कुंज आश्रम से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फलाहारी महाराज ने दावा किया कि कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग संत की आड़ में आश्रम का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने आश्रम से जुड़ी संपत्तियों और यमुना खादर में कथित जमीन कारोबार की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, ये सभी आरोप पत्र में किए गए दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बच्चों को लेकर भी उठाए सवाल
फलाहारी महाराज ने पत्र में आश्रम में नाबालिग बच्चों के रहने और कथित तौर पर कुछ बच्चों के परिवार से संपर्क टूटने को लेकर भी जांच की मांग की है। उन्होंने बाल आयोग से मामले की जांच कराने, आश्रम में रहने वाले नाबालिगों की स्थिति स्पष्ट करने और वहां कार्यरत सेवादारों के पुलिस वेरिफिकेशन की मांग की है। पत्र में किडनी चोरी जैसे गंभीर आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। इन आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्रेमानंद महाराज को Z+ सुरक्षा देने की मांग
पत्र में दिनेश फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाकर Z+ श्रेणी की सुरक्षा देने की मांग की है। इसके साथ ही आश्रम में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है। उनका कहना है कि प्रेमानंद महाराज स्वयं साधना में लीन रहने वाले संत हैं, लेकिन आश्रम से जुड़े अन्य लोगों की गतिविधियों की जांच जरूरी है।
शिष्य की मौत के मामले की भी चल रही जांच
प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े विवादों के बीच उनके शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला भी जांच के घेरे में है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई टीमें लगाई हैं और आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस CCTV फुटेज, फॉरेंसिक जांच और पूछताछ के जरिए घटना की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस जांच के बीच बढ़ी निगरानी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए प्रेमानंद महाराज के नए आश्रम सहित कई स्थानों और वहां रहने वाले लोगों से भी जानकारी जुटाई है। ऐसे में फलाहारी महाराज के पत्र के बाद आश्रम से जुड़े मामलों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
प्रेमानंद महाराज और आश्रम से जुड़े लोगों पर लगाए गए गंभीर आरोप फिलहाल पत्र में किए गए दावों के रूप में सामने आए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस या संबंधित जांच एजेंसियों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।











