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प्रेस कॉन्फ्रेंस में Netanyahu बोले- ‘मैं जिंदा हूं’, खुद को लेकर चल रही अटकलों के बीच LIVE आए नेतन्याहू

By Muskan Thakur

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सोशल संवाद/डेस्क : पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने बड़ा बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। लगातार 21वें दिन तक पहुंचे इस युद्ध के दौरान नेतन्याहू ने लाइव आकर न सिर्फ अपनी मौजूदगी पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया, बल्कि ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर भी बड़ा दावा किया।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में ही उन्होंने कहा, “मैं अभी जिंदा हूं”, जिससे उन अफवाहों पर विराम लगाने की कोशिश की गई, जिनमें उनकी मौत की खबरें वायरल हो रही थीं। इसके बाद उन्होंने सीधे तौर पर ईरान की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल के लगातार हवाई हमलों के बाद ईरान की परमाणु क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है।

Netanyahu ने दावा किया कि अब ईरान न तो यूरेनियम को समृद्ध कर सकता है और न ही बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की स्थिति में है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के ड्रोन और मिसाइल भंडार को भारी नुकसान पहुंचा है और उनकी फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।

इस दौरान उन्होंने अमेरिका की भूमिका पर भी खुलकर बात की। नेतन्याहू ने साफ किया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस युद्ध में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया। उनके मुताबिक, ट्रंप अपने फैसले खुद लेते हैं और अमेरिका इस संघर्ष में इजरायल के साथ खड़ा है, न कि उसके लिए लड़ रहा है।

इजरायल के इस सैन्य अभियान, जिसे ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ नाम दिया गया है, के उद्देश्यों को भी Netanyahu ने विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के तीन प्रमुख लक्ष्य हैं पहला, ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करना; दूसरा, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को खत्म करना; और तीसरा, ईरानी जनता को स्वतंत्रता और अपने भविष्य पर नियंत्रण पाने का अवसर देना।

Netanyahu ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वहां का शासन वर्षों से क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का काम कर रहा है और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो वह पूरी दुनिया को ब्लैकमेल कर सकता था।

साथ ही, उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी अपनी चिंता जताई। उनका कहना है कि ईरान इस अहम जलमार्ग को बंद करने की धमकी देकर वैश्विक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इजरायल और उसके सहयोगी देश इसे खुला रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

फिलहाल, इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जहां एक ओर इजरायल अपनी सैन्य सफलता का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इस संघर्ष के और ज्यादा खतरनाक मोड़ लेने की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आगे यह युद्ध किस दिशा में जाता है।

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