सोशल संवाद / झारखण्ड : आज औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), रायकेरा, मनोहरपुर के प्रशिक्षुओं के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “तंबाकू : समाज के लिए एक बड़ी चुनौती” रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

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कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता अनूप बागे ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को तंबाकू की बजाय अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। स्वस्थ जीवन न केवल व्यक्तिगत सुख एवं समृद्धि के लिए आवश्यक है, बल्कि परिवार और समाज के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश का विकास स्वस्थ एवं जागरूक युवा आबादी पर निर्भर करता है, इसलिए युवाओं को तंबाकू उत्पादों से दूर रहने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कोटपा अधिनियम, 2003 एवं कोटपा (झारखंड संशोधन) अधिनियम, 2021 की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से तंबाकू के उपयोग को नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने संशोधित अधिनियम के तहत प्रावधानों एवं अर्थदंड में किए गए बदलावों की जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों के बारे में बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि तंबाकू मृत्यु एवं बीमारी का एक प्रमुख कारण है तथा यह कैंसर, हृदय रोग सहित विभिन्न गैर-संचारी रोगों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समाज में तंबाकू को दैनिक जीवन का हिस्सा मानने की मानसिकता में बदलाव लाने की आवश्यकता है, क्योंकि तंबाकू के बिना भी स्वस्थ एवं बेहतर जीवन जिया जा सकता है।
इस अवसर पर सदर अस्पताल में संचालित तंबाकू निवारण केंद्र (Tobacco Cessation Centre – TCC) की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि जो लोग तंबाकू की लत छोड़ना चाहते हैं, वे सदर अस्पताल के डेंटल ओपीडी स्थित टीसीसी केंद्र में परामर्श एवं उपचार प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त तंबाकू छोड़ने के इच्छुक व्यक्ति राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-2356 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षुओं एवं प्रतिभागियों ने तंबाकू सेवन नहीं करने तथा दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली।









