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पश्चिमी सिंहभूम में डायन प्रथा उन्मूलन को लेकर जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया संदेश

By Riya Kumari

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पश्चिमी सिंहभूम में डायन प्रथा उन्मूलन को लेकर जागरूकता
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सोशल संवाद / चाईबासा : #YesToLife #NoToDrug चाईबासा स्थित सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, पश्चिमी सिंहभूम द्वारा डायन प्रथा उन्मूलन को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह कार्यक्रम जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त चंदन कुमार के निर्देशन में आयोजित किया गया।

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इस विशेष अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में नुक्कड़ नाटक और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

इन प्रखंडों में चला जागरूकता अभियान

अभियान के दौरान निम्न प्रखंड क्षेत्रों में हाट-बाजार और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए:

  • कुमारडुंगी
  • मंझारी
  • सोनुआ
  • मंझगांव
  • चक्रधरपुर
  • खूंटपानी
  • आनंदपुर
  • मनोहरपुर
  • गुदड़ी

नुक्कड़ नाटक दल ने डायन बिसाही के नाम पर महिलाओं के साथ होने वाली क्रूरता, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न तथा कानूनी प्रावधानों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया।

डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम-2001 की दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई। बताया गया कि किसी महिला पर जादू-टोना या डायन होने का आरोप लगाना और उसके साथ हिंसा करना दंडनीय अपराध है।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया कि डायन प्रथा समाज के लिए एक अभिशाप है। इसका शिकार प्रायः गरीब और कमजोर तबके की महिलाएं होती हैं। अंधविश्वास के कारण महिलाओं पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी जाती है, जो पूरी तरह गैरकानूनी और अमानवीय है।

समाज में जागरूकता ही समाधान

जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अंधविश्वास से दूर रहें, किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और ऐसी घटनाओं की तुरंत प्रशासन को सूचना दें।

यह अभियान सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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