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पश्चिमी सिंहभूम में आयुष विभाग की स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के जीवन में ला रही सकारात्मक बदलाव

By Tamishree Mukherjee

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AYUSH Department's health services are bringing positive changes

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सोशल संवाद / झारखण्ड : पश्चिमी सिंहभूम जिले में आयुष विभाग के माध्यम से संचालित स्वास्थ्य सेवाएं आमजनों के बीच विश्वास का केंद्र बनती जा रही हैं। जिले के विभिन्न आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध निःशुल्क होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक उपचार से अनेक मरीज लाभान्वित हो रहे हैं। इसी क्रम में सदर प्रखंड क्षेत्र के कुम्हार टोला, चाईबासा निवासी सुनीता खालको को लंबे समय से चली आ रही त्वचा संबंधी समस्या एवं लगातार बनी रहने वाली खुजली से सफल उपचार के बाद उल्लेखनीय राहत मिली है।

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सुनीता खालको पिछले तीन से चार महीनों से पूरे शरीर में तेज खुजली, त्वचा पर चकत्ते, जलन एवं असहजता की समस्या से परेशान थीं। लगातार बनी रहने वाली इस परेशानी के कारण उन्हें दैनिक कार्यों के साथ-साथ सामान्य जीवन व्यतीत करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। कई घरेलू उपाय अपनाने के बावजूद अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर उन्होंने आयुष स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लेने का निर्णय लिया।

आयुष चिकित्सक द्वारा उनकी विस्तृत स्वास्थ्य जांच एवं रोग के लक्षणों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन किया गया। जांच के आधार पर उन्हें उपयुक्त होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही नियमित रूप से दवा सेवन, स्वच्छता बनाए रखने, खान-पान में आवश्यक सावधानियां बरतने तथा चिकित्सकीय सलाह का पालन करने का परामर्श भी दिया गया।

लगातार 15 दिनों तक नियमित उपचार लेने के पश्चात उनकी त्वचा पर होने वाली खुजली एवं जलन में स्पष्ट कमी आई। धीरे-धीरे चकत्तों में भी सुधार होने लगा तथा उन्हें सामान्य दिनचर्या अपनाने में राहत महसूस हुई। उपचार के दौरान चिकित्सक द्वारा एलर्जी एवं त्वचा संबंधी समस्या के मूल कारणों को ध्यान में रखते हुए शरीर के आंतरिक संतुलन को बेहतर बनाने एवं पाचन तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भी आवश्यक आयुर्वेदिक औषधियां प्रदान की गईं।

उपचार से लाभान्वित होने के बाद सुनीता खालको ने बताया कि कई महीनों से चली आ रही परेशानी के कारण वे मानसिक रूप से भी काफी परेशान थीं। आयुष स्वास्थ्य केंद्र में समय पर मिले उपचार, चिकित्सकों के मार्गदर्शन एवं नियमित दवा सेवन से अब उन्हें काफी राहत मिली है। उन्होंने आयुष विभाग एवं चिकित्सकीय टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार से उन्हें नया आत्मविश्वास मिला है।

यह सफलता की कहानी इस बात का प्रमाण है कि आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से अनेक सामान्य एवं दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का प्रभावी, सुरक्षित एवं समग्र उपचार संभव है। पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग निरंतर प्रयासरत है कि जिले के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लोग स्वस्थ एवं निरोग जीवन जी सकें।

जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि वे त्वचा संबंधी रोग, एलर्जी, जोड़ों का दर्द, पाचन संबंधी समस्या अथवा अन्य सामान्य बीमारियों से पीड़ित हैं, तो निकटतम आयुष स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लें और उपलब्ध निःशुल्क होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक उपचार सेवाओं का लाभ उठाएं। आयुष चिकित्सा के माध्यम से न केवल रोगों का उपचार किया जा रहा है, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी निरंतर प्रेरित किया जा रहा है।

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