रांची: झारखंड के चर्चित बड़गाईं भूमि घोटाला मामले में गुरुवार को अदालत में अहम सुनवाई हुई। पीएमएलए (PMLA) की विशेष अदालत ने मामले में शामिल 17 आरोपियों में से 14 के खिलाफ आरोप तय कर दिए, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिनोद कुमार सिंह और राजकुमार पाहन को फिलहाल राहत मिल गई। तीनों की ओर से समय मांगे जाने पर अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया टालते हुए अगली सुनवाई 11 अगस्त के लिए निर्धारित की है।

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यह मामला रांची के बड़गाईं इलाके की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि इस जमीन की खरीद-बिक्री में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और इसके जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई। इस पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है।
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने 14 आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए। इसका मतलब है कि अब इन आरोपियों के खिलाफ नियमित ट्रायल शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत तीन अन्य आरोपियों के मामले में अदालत ने उनकी ओर से मांगे गए समय को स्वीकार करते हुए फिलहाल आरोप तय नहीं किए।
बता दें कि इस मामले में इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका भी अदालत खारिज कर चुकी है। अदालत ने माना था कि मामले में सुनवाई आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। अब अगला कानूनी कदम आरोप तय करने की प्रक्रिया है, जिस पर 11 अगस्त को सुनवाई होगी।
बड़गाईं भूमि घोटाला झारखंड की सबसे चर्चित कानूनी और राजनीतिक मामलों में से एक माना जाता है। ऐसे में इस केस की हर सुनवाई पर राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाहें 11 अगस्त पर टिकी हैं, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अन्य दो आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाने को लेकर अदालत में अगली सुनवाई होगी।









