सोशल संवाद/डेस्क: नीतीश सरकार के 2026-27 के Budget में Bihar के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने पर खास ध्यान दिया गया है। सड़क, पुल, बिजली और शहरी सुविधाओं को विकास की आधारशिला मानते हुए सरकार ने निवेश की रफ्तार और तेज करने का लक्ष्य रखा है। सरकार का कहना है कि पिछले दस वर्षों में किए गए कार्यों का असर अब जमीन पर साफ दिखने लगा है।
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बजट दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2015-16 में ग्रामीण सड़कों की लंबाई जहां करीब 64 हजार किलोमीटर थी, वहीं 2025-26 तक यह बढ़कर 1.19 लाख किलोमीटर से अधिक हो चुकी है। सड़क नेटवर्क के विस्तार से बिहार अब देश के अग्रणी सड़क घनत्व वाले राज्यों में गिना जाने लगा है। नए बजट में ग्रामीण और शहरी सड़कों के चौड़ीकरण, मरम्मत और रखरखाव के लिए अतिरिक्त राशि रखी गई है।
ऊर्जा क्षेत्र में भी सुधार को रेखांकित किया गया है। प्रति व्यक्ति बिजली खपत में बीते दस वर्षों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बिजली आपूर्ति क्षमता और ट्रांसमिशन सिस्टम को और मजबूत करने की योजना बजट में शामिल है।
ग्रामीण इलाकों को बेहतर जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना समेत कई योजनाओं के तहत हजारों किलोमीटर नई सड़कें बनाने और पुरानी सड़कों को उन्नत करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही गंगा, कोसी, गंडक और सोन नदियों पर नए पुल, फ्लाईओवर, आरओबी और बाईपास परियोजनाओं को गति देने का प्रावधान किया गया है।
शहरी विकास के मोर्चे पर भी बजट में बड़े ऐलान हुए हैं। नगर निकायों में पेयजल, सीवरेज, कचरा प्रबंधन और सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है। पटना मेट्रो परियोजना को लेकर सरकार ने पहले कॉरिडोर पर तय समय में संचालन शुरू करने का लक्ष्य दोहराया है।










