सोशल संवाद/डेस्क: Bihar में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार एक नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। अब 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को रजिस्ट्री कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। उनकी पहचान और सत्यापन के लिए निबंधन विभाग की टीम खुद उनके घर पहुंचेगी, जिससे बुजुर्गों को लंबी प्रक्रिया और दफ्तरों के चक्कर से राहत मिलेगी।

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नई व्यवस्था के तहत इच्छुक बुजुर्गों को ई-निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा और तय शुल्क जमा करना होगा। उम्र दर्ज करते ही पोर्टल पर घर से रजिस्ट्री कराने का विकल्प दिखाई देगा। आवेदन के बाद विभाग समय और तारीख तय करेगा, और मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट के जरिए अधिकारियों की टीम घर पहुंचकर बायोमैट्रिक सत्यापन और अन्य औपचारिकताएं पूरी करेगी।
सरकार इस व्यवस्था को अप्रैल से लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए सॉफ्टवेयर अपडेट और ट्रायल की प्रक्रिया चल रही है, जबकि सभी निबंधन कार्यालयों को आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जा चुके हैं। रजिस्ट्री पूरी होते ही संबंधित दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होंगे, जिन्हें मोबाइल पर मिले लिंक के जरिए डाउनलोड किया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि यह पहल बुजुर्गों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देगी। पहले बीमार या असहाय लोगों को मेडिकल प्रमाणपत्र देना पड़ता था और प्रक्रिया काफी लंबी होती थी, लेकिन नई व्यवस्था से समय की बचत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और जमीन से जुड़े मामलों में धोखाधड़ी की संभावना भी कम होगी। अब बुजुर्ग सम्मान के साथ घर बैठे अपनी जमीन की रजिस्ट्री करा सकेंगे।










