सोशल संवाद/जमशेदपुर : 29 जनवरी, 2026 – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले, RSB ग्लोबल के वाइस चेयरमैन और CII (पूर्वी क्षेत्र) के पूर्व अध्यक्ष एस. के. बेहरा ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण विजन साझा किया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और अमेरिकी टैरिफ जैसे बाहरी दबावों के बीच, भारत को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए साहसिक और प्रेरक उपायों की आवश्यकता है।

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विनिर्माण और आत्मनिर्भरता पर जोर
बेहरा ने औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए कहा कि भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाए रखने के लिए आत्मनिर्भरता (Self-reliance) ही एकमात्र मार्ग है। उन्होंने विशेष रूप से ऑटो और ईवी (EV) सेक्टर के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन और आरएंडडी (R&D) में टैक्स छूट की वकालत की। उन्होंने कहा, “इम्पोर्ट पर निर्भरता कम करने के लिए ऑटो पार्ट्स के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देना और पीएलआई (PLI) योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाना अनिवार्य है।”
इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन का नया दौर
सीआईआई (CII) के प्रस्तावों का समर्थन करते हुए बेहरा ने 150 लाख करोड़ रुपये के नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) 2.0 की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि तेजी से कार्यान्वयन और विवाद समाधान के तंत्र से निजी निवेश को आकर्षित किया जा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने एआई (AI), रोबोटिक्स और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में 10 उन्नत शिक्षण केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया ताकि भारत तकनीक के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर सके।
क्षेत्रवार प्रमुख मांगें:
लेख में बेहरा ने विभिन्न क्षेत्रों की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया:
* रक्षा (Defence): स्वदेशी खरीद और निजी निवेश के लिए उच्च आवंटन, ताकि 2030 तक 50,000 करोड़ रुपये के निर्यात लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
* लॉजिस्टिक्स: मल्टीमॉडल पार्कों के लिए 30-40% सब्सिडी और ‘नेशनल लॉजिस्टिक्स सिंगल विंडो’ की स्थापना।
* सस्ती आवास (Affordable Housing): रियल एस्टेट सेक्टर के लिए टैक्स हॉलीडे (80-IBA) की बहाली और मध्यम वर्ग के लिए ब्याज सब्सिडी (CLSS) का विस्तार।
* डिजिटल संप्रभुता: डेटा सेंटरों को “संप्रभु क्षेत्र” के रूप में मान्यता देना ताकि ‘आत्मनिर्भर एआई’ का सपना पूरा हो सके।
विकासात्मक स्थिरता का विजन
बेहरा ने जोर देकर कहा कि बजट को केवल उद्योग तक सीमित न रहकर कल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा में निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विकास की अग्नि को प्रज्वलित करने वाला होना चाहिए। लक्षित कैपेक्स (Capex) और सुधारों के माध्यम से ही भारत एक आत्मनिर्भर पावरहाउस बन सकता है।”










