सोशल संवाद/डेस्क : त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले मुंबई के लोगों को महंगाई का एक और झटका लगने वाला है। शहर में ताजा भैंस के दूध की कीमत 1 सितंबर से बढ़ जाएगी। दूध उत्पादकों ने प्रति लीटर 9 रुपये की बढ़ोतरी का फैसला लिया है।

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इसके बाद दूध की थोक कीमत 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। नई दर 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी।
क्यों बढ़ाए गए दूध के दाम?
दूध उत्पादकों का कहना है कि पिछले कुछ समय से पशुओं को पालने और डेयरी चलाने का खर्च लगातार बढ़ रहा है। पशु आहार और चारे की कीमतों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। कुछ फीड सामग्री के दाम में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी बताई गई है।
इसके अलावा खली और दूसरे डेयरी इनपुट महंगे होने से दूध उत्पादन की लागत बढ़ गई है। उत्पादकों के मुताबिक मौजूदा कीमत पर दूध की सप्लाई जारी रखना मुश्किल हो रहा था, इसलिए दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया।
93 रुपये से 102 रुपये लीटर हुई थोक कीमत
अभी मुंबई में ताजा तबेला दूध की थोक कीमत 93 रुपये प्रति लीटर है। 1 सितंबर से यह बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। यह बढ़ोतरी अगले छह महीने के लिए लागू रहने वाली है।
हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि 102 रुपये प्रति लीटर थोक दर है। ग्राहकों को दुकानों या अलग-अलग सप्लायर के जरिए मिलने वाले दूध की खुदरा कीमत इससे अलग हो सकती है।
त्योहारों से पहले बढ़ेगा घर का खर्च
दूध रोजमर्रा की जरूरत की चीज है, इसलिए कीमत बढ़ने का सीधा असर लोगों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है। त्योहारों का मौसम भी सामने है, ऐसे में दूध से बनने वाली मिठाइयां, दही, पनीर और दूसरे डेयरी उत्पाद भी महंगे होने की आशंका है।
दूध की बढ़ी कीमत का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहेगा। चाय की दुकानों, मिठाई की दुकानों और छोटे खाने-पीने के कारोबार पर भी इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि इनके लिए दूध रोजाना की जरूरत है।
फिलहाल नई थोक दर 1 सितंबर से लागू होगी। इसके बाद खुदरा बाजार में अलग-अलग सप्लायर और दुकानदारों के हिसाब से दूध की कीमत कितनी बढ़ती है, यह देखने वाली बात होगी।









