सोशल संवाद / चक्रधरपुर : चक्रधरपुर शहर हमेशा से सामाजिक सौहार्द और समावेशी नेतृत्व के लिए जाना जाता रहा है। लगभग वर्ष 1985 (अनुमानित ) में जब मरहूम रूद्र प्रताप सारंगी नगर पालिका के अध्यक्ष बने थे, उस समय सामाजिक संतुलन की भावना के तहत मुस्लिम समाज से मरहूम मोहम्मद सरफुद्दीन को उपाध्यक्ष बनाया गया था। यह चक्रधरपुर की खूबसूरत लोकतांत्रिक परंपरा रही है।
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आज अंजुमन इस्लामिया चक्रधरपुर की ओर से नगर परिषद के सभी समुदायों के सम्मानित वार्ड पार्षदों से विनम्र अपील है कि इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आपसी सहमति और भाईचारे के साथ मुस्लिम समाज के किसी एक वार्ड पार्षद को उपाध्यक्ष पद के लिए समर्थन प्रदान करें।
उपाध्यक्ष का पद मुख्यतः सहयोगात्मक भूमिका वाला पद होता है, इसलिए यदि यह निर्णय आपसी सहमति से लिया जाता है तो इससे शहर में एक सकारात्मक संदेश जाएगा और अनावश्यक चुनावी प्रतिस्पर्धा या खरीद-बिक्री जैसी प्रवृत्तियों पर भी विराम लगेगा।









