सोशल संवाद / सरायकेला-खरसावां : झारखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच चांडिल डैम का जलस्तर बढ़कर 180.75 मीटर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद डैम के सभी 13 फाटक खोल दिए गए हैं। फाटकों और स्लूइस गेट के जरिए कुल 1250 क्यूमेक पानी स्वर्णरेखा नदी में छोड़ा जा रहा है। इसके कारण नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
सभी 13 फाटक खोले गए
चांडिल डैम में पहले छह फाटक खुले हुए थे। जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद रविवार को सात और फाटक खोल दिए गए। इसके बाद सभी 13 फाटक खुले रहे। फाटकों से करीब 1100 क्यूमेक और स्लूइस गेट से 77 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
स्वर्णरेखा नदी उफान पर
डैम से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। ईचागढ़ समेत कई विस्थापित गांवों में भी पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।
लगातार बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने के कारण आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से जलस्तर और नदी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
गांवों के करीब पहुंचा पानी
चांडिल डैम का जलस्तर 180.75 मीटर तक पहुंचने के बाद ईचागढ़ समेत कई विस्थापित गांवों में पानी पहुंचने की स्थिति बन गई है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता जरूरी हो गई है।
चांडिल डैम सरायकेला-खरसावां जिले में स्वर्णरेखा नदी पर स्थित है और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन के अनुसार यहां नौका विहार समेत कई पर्यटन गतिविधियां संचालित होती हैं।
फिलहाल लगातार बारिश के बीच डैम का बढ़ता जलस्तर और स्वर्णरेखा नदी में छोड़ा जा रहा पानी आसपास के तटीय क्षेत्रों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।









