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CJP ने खत्म किया आंदोलन, सरकार ने मानीं प्रमुख मांगें; धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, केस वापसी और मुआवजे पर बनी सहमति

By Riya Kumari

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CJP ने खत्म किया आंदोलन, सरकार ने मानीं प्रमुख मांगें; धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, केस वापसी और मुआवजे पर बनी सहमति
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सोशल संवाद / डेस्क : लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी है। संगठन का कहना है कि सरकार ने उनकी सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद आंदोलन को वापस लेने का फैसला किया गया।

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सरकार ने प्रमुख मांगों पर दिखाई सहमति

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CJP के अनुसार, सरकार ने आंदोलन से जुड़ी कई अहम मांगों पर सहमति जताई है। इनमें तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, आंदोलन के दौरान प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में कदम उठाने का आश्वासन शामिल है।

36 दिनों बाद खत्म हुआ आंदोलन

NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन कई दिनों तक देशभर में चर्चा का विषय बना रहा। छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किए। सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद CJP ने लगभग 36 दिनों से जारी आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।

छात्रों से शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील

आंदोलन वापस लेने की घोषणा के साथ CJP नेतृत्व ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपने-अपने घर लौटने की अपील की। संगठन ने कहा कि यह फैसला सरकार की ओर से मांगें स्वीकार किए जाने के बाद लिया गया है और आगे भी शिक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर निगरानी रखी जाएगी।

शिक्षा सुधार पर रहेगा फोकस

सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया है। छात्र संगठनों का कहना है कि अब उनकी प्राथमिकता इन वादों के क्रियान्वयन पर नजर रखना होगी, ताकि भविष्य में परीक्षा संबंधी विवादों की पुनरावृत्ति न हो।

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