सोशल संवाद / डेस्क : केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए Pralhad Joshi को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है। यह फैसला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद लिया गया। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

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राष्ट्रपति ने मंजूर किया धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
राष्ट्रपति भवन ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। हाल के दिनों में शिक्षा से जुड़े मुद्दों और देशव्यापी छात्र आंदोलनों के बीच यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे केंद्र सरकार में पहले से उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
शिक्षा मंत्रालय संभालने के बाद क्या बोले?
शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता, पारदर्शिता और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
शिक्षा क्षेत्र में रहेंगी बड़ी चुनौतियां
प्रह्लाद जोशी ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय की कमान संभाल रहे हैं, जब प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों का विश्वास बहाल करना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में मंत्रालय परीक्षा सुधार, जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा सकता है।









