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मार्च से बदल जायेगी जेएनएसी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, निकला टेंडर

By Muskan Thakur

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सोशल संवाद/जमशेदपुर : मार्च महीने से जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) की सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदल जायेगी. नये वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जेएनएसी ने शहर की सफाई व्यवस्था को और दुरुस्त करने की तैयारी शुरू कर दी हैं. जेएनएसी क्षेत्र की विभिन्न बस्तियों और मोहल्लों में साफ सफाई, झाडू लगाने, नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई और कूड़ा उठाव जैसे कार्यों के लिए जेएनएसी ने टेंडर निकाल दिया है. चयनित एजेंसी को डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह के साथ-साथ ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव, लावारिस जानवरों के शवों को हटाने और विशेष पर्व त्योहारों पर अतिरिक्त सफाई की जिम्मेदारी होगी. आवश्यकतानुसार कर्मचारियों की संख्या में कमी या बढ़ोतरी की जा सकती है.

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सात जोन में बंटा है सफाई का क्षेत्र : जेएनएसी एरिया को 7 जोन में बिक बिक्री 18 फरवरी से होगी. 6 मार्च को निविदा शाम 4 बजे खुलेगी. आवंटन मिलने पर ही विपत्र का भुगतान किया जायेगा,

10 माह से बकाया है संवेदकों का बकाया जेएनएसी के सफाई संवेदकों का पिछले दस माह से बिल का भुगतान बकाया है. आये दिन संवेदक हड़ताल पर जाने की चेतावनी देते रहे है. बावजूद बिल का भुगतान नहीं किया गया. कई बार कर्मचारियों ने वेतन विलंब होने पर कामकाज ठप कर चुके है.

  • पूर्वी जोन (ए व बी). बारीडीह बस्ती, बागुननगर, लक्ष्मीनगर,
  • टाटा स्टील यूआइएसएल एक अप्रैल से नये नियम को करेगी लागू

चार श्रेणियों में होगा कचरे का उठाव

जमशेदपुर में भी पूरे देश में लागू किये गये नये सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2026 को लागू करने की तैयारी की गयी है. इसे लेकर जमशेदपुर शहर के बड़े एरिया में साफ-सफाई का काम करने वाली टाटा स्टील की कंपनी टाटा स्टील यूआइएसएल की ओर से रणनीति बनायी गयी है. इसके तहत अब गंदगी फैलाने वाले और नियम के तहत कचरा का पृथक्करण (अलग अलग श्रेणी में कचरा को रखने) की प्रक्रिया नहीं अपनाने वाले पर हर्जाना लगाने की तैयारी की गयी है. शहर के लगभग सभी क्षेत्र में घरों से चार श्रेणियों में कचरे का उठाव होगा. इसमें गीला बायोडिग्रेडेबल कचरा, सूखा रिसाइकिल लायक कचरा, घरेलू खतरनाक वेस्ट और सैनिटरी वेस्ट शामिल है. अभी सूखा और गीला कचरा अलग-अलग होता है.

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