नेमरा की पगडंडियों पर भावुक हुए सीएम, पिता के संघर्ष और मां के साथ को किया याद

By Riya Kumari

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नेमरा की पगडंडियों पर भावुक हुए सीएम, पिता के संघर्ष और मां के साथ को किया याद

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सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे, जहां गांव की पगडंडियों, खेतों और जल-जंगल से जुड़ी पुरानी यादों ने उन्हें भावुक कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपने पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष और मां रूपी सोरेन के योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिता के संघर्षपूर्ण सफर में उनकी मां हर कदम पर साथ खड़ी रहीं और मुश्किल समय में उनका संबल बनीं।

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नेमरा की पगडंडियों ने दिलाई पुराने दिनों की याद

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में नेमरा गांव की पगडंडियों, खेतों और जल-जंगल का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि इन्हीं रास्तों और खेतों के बीच उनके पिता ने संघर्ष की शुरुआत की थी। उस कठिन सफर में मां रूपी सोरेन हर कदम पर उनकी हमसफर बनकर साथ चलीं।

मुख्यमंत्री के इस संदेश में अपने गांव और परिवार से जुड़ी यादों की झलक देखने को मिली। नेमरा उनके परिवार की जड़ों और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के शुरुआती संघर्ष से जुड़ा हुआ है।

पिता के संघर्ष में मां रूपी सोरेन की रही अहम भूमिका

हेमंत सोरेन ने अपनी मां को याद करते हुए कहा कि जब-जब उनके पिता ने संघर्ष का रास्ता चुना, तब-तब मां ने हर मुश्किल में उनका हाथ थामे रखा। वह केवल उनकी जीवनसाथी ही नहीं थीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में उनकी ताकत और हिम्मत भी थीं।

मुख्यमंत्री के इस संदेश में रूपी सोरेन के उस योगदान को रेखांकित किया गया, जो परिवार के संघर्षपूर्ण दौर में महत्वपूर्ण रहा। उनके शब्दों से माता-पिता के प्रति सम्मान और परिवार के साथ जुड़ी यादों का भाव सामने आया।

माता-पिता के निधन के बाद भावुक हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए बीते समय में परिवार से जुड़ी कई भावुक घटनाएं हुई हैं। उनके पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन अगस्त 2025 में हुआ था, जबकि उनकी मां रूपी सोरेन का निधन अक्टूबर 2026 में हुआ।

मां के निधन के बाद नेमरा की पगडंडियों और खेतों से जुड़ी यादों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के संघर्ष और मां के साथ को याद किया। उनका यह संदेश निजी स्मृतियों के साथ-साथ उस पारिवारिक सहयोग की कहानी भी सामने लाता है, जो कठिन समय में उनके माता-पिता के जीवन का हिस्सा रहा।

नेमरा से जुड़ी हैं शिबू सोरेन के संघर्ष की यादें

रामगढ़ जिले में स्थित नेमरा गांव शिबू सोरेन का पैतृक गांव है। इस गांव से उनके जीवन और संघर्ष की कई यादें जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपने संदेश में गांव की मिट्टी, खेतों और पगडंडियों का उल्लेख करते हुए पिता की संघर्ष यात्रा को याद किया।

उनकी इस भावुक पोस्ट में मां रूपी सोरेन के योगदान को विशेष स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने जिस तरह माता-पिता के साथ और संघर्ष को याद किया, उससे नेमरा से उनके पारिवारिक जुड़ाव की झलक सामने आई।

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