सोशल संवाद / नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम की 62 डिस्पेंसरी पर आरोग्य मंदिर बोर्ड लगाकर श्रेय ले रही सीएम रेखा गुप्ता को एक्सपोज कर दिया है। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता एमसीडी की डिस्पेंसरी पर आरोग्य मंदिर का बोर्ड लगाकर फीता काटने में मशगूल हैं।

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जब डिस्पेंसरी की जमीन और कर्मचारी एमसीडी के हैं तो सीएम रेखा गुप्ता अपना बोर्ड कैसे लगा रहीं हैं?। एमसीडी एक्स में भी कहीं प्रावधान नहीं है कि एमसीडी की मालिकाना हक का अधिकार दिल्ली सरकार के पास है। रेखा गुप्ता जमीन पर काम करने के बजाय सिर्फ फीटा काटने का वाली दिल्ली की पहली मुख्यमंत्री बन गई हैं। खुलेआम फर्जीवाड़ा कर रही भाजपा सरकार को शर्म आनी चाहिए। इस दौरान एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार व प्रीति डोंगरा, पार्षद चित्रा विद्यार्थी, साहिल गंगवाल और राजीव सनवाल भी उपस्थित रहे।

बुधवार को एमसीडी में ‘‘आप’’ के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने प्रेसवार्ता कर कहा कि भाजपा सिर्फ फीता काटने की राजनीति कर रही है। बुधवार को भाजपा की दिल्ली सरकार द्वारा आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन इसका उदाहरण हैं। भाजपा ने एमसीडी की 62 डिस्पेंसरी और अस्पतालों का नाम बदल कर आरोग्य मंदिर कर दिया है।
केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक बनवाए थे। सभी मोहल्ला क्लीनिक जनता की सुविधा के अनुसार नए स्थान पर बनाए गए। कुछ पोर्टा केबिन में भी मोहल्ला क्लीनिक बनाए गए। वहीं, भाजपा एमसीडी की डिस्पेंसरी का सिर्फ नाम बदल कर आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना रही है। भाजपा जिन आरोग्य मंदिरों का फीता काटा है, वो कोई नए क्लीनिक नहीं हैं।
अंकुश नारंग ने कहा कि बुधवार को भाजपा सरकार ने एमसीडी के 62 डिस्पेंसरी का नाम बदला है। लेकिन आने वाले दिनों में एमसीडी की 370 डिस्पेंसरी का नाम बदल कर आरोग्य मंदिर करने की तैयारी है। पार्षद चित्रा विद्यार्थी के वार्ड की तश्वीर दिखाते हुए उन्होंने कहा कि डिस्पेंसरी पर मैटरन एंड चाइल्ड वेलफेयर, सत्यवती पार्क, केशवपुरम जोन, ए-ब्लॉक सत्यवती नगर, अशोक विहार फेस तीन लिखा है। अब भाजपा ने इस नाम को बदल कर आरोग्य मंदिर बना दिया है। आरोग्य मंदिर पर अभी भी एमसीडी का बोर्ड मौजूद है। यह जगह एमसीडी की है, लेकिन वहां अब सीएम रेखा गुप्ता, स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री पंकज कुमार सिंह, सांसद प्रवीण खंडेलवाल लिखा है। एमसीडी की पुरानी डिस्पेंसरी पर लीपापोती कर सीएम रेखा गुप्ता ने अपना बोर्ड लगा दिया है।
अंकुश नारंग ने कहा कि इन 62 आरोग्य मंदिरों पर मालिकाना हक एमसीडी के पास है। जब जमीन की मालिक एमसीडी है तो रेखा गुप्ता अपना बोर्ड कैसे लगा सकती हैं? इन डिस्पेंसरी का स्टॉफ और इंचार्ज भी एमसीडी के ही कर्मचारी हैं। एमसीडी एक्ट कोई प्रावधान नहीं है कि एमसीडी के मालिकाना अधिकार दिल्ली सरकार के पास होंगे। इसी तरह कई अन्य डिस्पेंसरी पर भी आरोग्य मंदिर का बोर्ड लगा दिया गया है।
एक आरोग्य मंदिर पर विधायक कैलाश गंगवाल के साथ उनकी पत्नी का भी नाम लिखा है, जबकि वह उस वार्ड की पार्षद तक नहीं हैं। उस वार्ड के निगम पार्षद साहिल गंगवाल हैं। खुलेआम फर्जीवाड़ा करने पर भाजपा को शर्म आनी चाहिए। अंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी की जमीन होने के नाते हमने स्थानीय पार्षद को बुलाने और पट्टिका पर उसका नाम होने की मांग की। लेकिन नहीं लिखा।
रेखा गुप्ता दिल्ली की पहली मुख्यमंत्री हैं जो सिर्फ फीता काटने का काम कर रहीं हैं। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि डिस्पेंसरी में दवा और अतिरिक्त सुविधा नहीं उपलब्ध है। पुरानी डिस्पेंसरी को रंग रोगन कर आरोग्य मंदिर करना शर्मनाक है। आम आदमी पार्टी इसकी पुरजोर विरोध करती है। सरकारें आती-आती हैं। अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली में बनाए गए मोहल्ला क्लीनिकों की चर्चा भारत ही नहीं, विश्व भर में चर्चा हुई।
इस दौरान एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा सिर्फ दिल्ली के लोगों की आंखों में धूल झोंकने और उन्हें बेवकूफ बनाने का काम कर रही है। काम के नाम पर सिर्फ लीपापोती कर रही है। बुधवार को जिन 62 एमसीडी डिस्पेंसरियों का नाम आरोग्य मंदिर करके उद्घाटन किया गया, वहां मरीज कई सालों से लगातार आ रहे हैं।

भाजपा कुछ भी नया नहीं कर रही है। रेखा गुप्ता सरकार और भाजपा के मेयर सिर्फ डिस्पेंसरियों का नाम बदलकर और उन पर पेंट करवाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। इससे जनता को फायदा नहीं मिलने वाला है। क्योंकि यहां न नया स्टाफ आ रहा है, न नए टेस्ट हो रहे हैं और न ही नई दवाइयां आ रही हैं। चार इंजन की भाजपा सरकार में शिक्षा और स्वास्थ्य का बुरा हाल है और एमसीडी की डिस्पेंसरियां धूल फांक रही हैं।
प्रवीण कुमार ने कहा कि इनके आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में बातें चल रहीं हैं कि इन उद्घाटनों में आम आदमी पार्टी के पार्षदों को शामिल नहीं किया जाएगा, सिर्फ भाजपा के पार्षद शामिल होंगे। भाजपा वाले तो अपने मतदाताओं के भी सगे नहीं हैं। आम आदमी पार्टी, भाजपा के इस कृत्य की निंदा करती है। यह नकारात्मक राजनीति है। जनता उम्मीद करती है कि भाजपा सरकार नए अस्पताल और नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगी, वह तो लेकिन पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर की ही लीपापोती करना जनता के साथ धोखा दे रही है। दिल्ली वाले इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
वहीं, एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि रेखा गुप्ता शिकायत करती हैं कि दिल्ली वाले उन पर मीम्स बनाते हैं। आखिर वह ऐसा काम ही ऐसा क्यों करती हैं कि लोगों को मीम्स बनाने पड़ते हैं? जनता ने उन्हें इसलिए चुना था कि वे काम करें, न कि रोज एक नई नौटंकी लेकर आ जाएं। अगर भाजपा को सच में जनता से प्यार होता, तो वे अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली “आप” सरकार में बने मोहल्ला क्लीनिकों को बंद नहीं कराती, जहां लोगों को सारी सुविधाएं मिल रही थीं। लेकिन भाजपा को सिर्फ अपनी राजनीति चमकानी है। इसलिए पुरानी डिस्पेंसरियों की पुताई करके फीता काटने पहुंच जाते हैं और तालियां बजवाते हैं कि नया आरोग्य मंदिर खुला है।
प्रीति डोगरा ने कहा कि जब जनता वहां इलाज के लिए पहुंचती है, तो पता चलता है कि वहां कुछ भी नहीं है और मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। भाजपा दिल्ली की जनता के लिए कोई काम नहीं कर रही है, सिर्फ धोखा दे रही है। जब से रेखा गुप्ता को दिल्ली की जिम्मेदारी मिली है, दिल्ली में कोई काम नहीं हो रहा, सिर्फ नौटंकी हो रही है।
साफ कहा गया है कि ‘‘आप’’ पार्षद उद्घाटन में शामिल नहीं होंगे। रेखा गुप्ता को समझना चाहिए कि डिस्पेंसरियां एमसीडी की हैं, दिल्ली सरकार की नहीं। यहां उस वार्ड के पार्षदों का पूरा हक है कि वे हर चीज में शामिल हों। लेकिन भाजपा अकेले फीता काटती है और जनता वहां से निराश लौटती है।

वहीं, वार्ड नंबर 66, वजीरपुर से ‘‘आप’’ पार्षद चित्रा विद्यार्थी ने बताया कि मेरे वार्ड में दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन हुआ। दोनों जगह शिलापट्ट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा विधायक पूनम शर्मा और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री का नाम लिखा गया। मैंने पूछा कि जब यह डिस्पेंसरी एमसीडी की है और डॉक्टर भी एमसीडी के बैठते हैं, तो हमें शामिल क्यों नहीं किया गया? इस पर डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें दिल्ली सरकार से सख्त निर्देश मिले थे कि जब प्लेट बनकर आई, तो उन्होंने देखा कि निगम पार्षद का नाम गायब है। जब उन्होंने इस बारे में पूछा, तो ऊपर से कहा गया कि उन्हें शामिल नहीं करना है क्योंकि वे आम आदमी पार्टी की हैं। अगर वे भाजपा की होतीं, तो उन्हें शामिल किया जाता।
चित्रा विद्यार्थी ने कहा कि हम भी जनता द्वारा चुनी हुई प्रतिनिधि हैं। जब यह निगम की डिस्पेंसरी है, तो भाजपा सरकार निगम को कैसे नजरअंदाज कर सकती है? अगर दिल्ली सरकार को कुछ देना ही है, तो हमारे वार्ड में दिल्ली सरकार की भी डिस्पेंसरी है, वहां काम करवाएं, फीता काटें और अपना नाम लगाएं, मुझे कोई एतराज नहीं होगा। लेकिन रेखा गुप्ता दूसरों की प्रॉपर्टी हथियाकर उस पर अपना नाम लिख रही हैं। यह सीधी-सीधी डकैती है और यह डकैती कब तक चलेगी?
चित्रा विद्यार्थी ने दिल्ली सरकार के दीप चंद बंधु अस्पताल की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि वहां इलाज के नाम पर कुछ नहीं है। जो दवाइयां पहले मुफ्त मिलती थीं, अब वहां जन औषधि केंद्र बना दिया गया है। अस्पताल की डिस्पेंसरी में दवाई नहीं होती। हालात इतने खराब हैं कि हाउसकीपिंग स्टाफ ईसीजी कर रहा है और डॉक्टर मरीजों से बदतमीजी करते हैं। वहां देखने वाला कोई नहीं है।
भाजपा के लोग केवल लीपापोती करके नाम चमकाना चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से कहा कि यह ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है। रेखा गुप्ता पहले निगम पार्षद थीं, लेकिन अब उन्हें निगम पार्षद की मानसिकता से बाहर निकलकर आगे बढ़ना चाहिए। वे अब दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं, इसलिए मुख्यमंत्री वाले काम करें और निगम पार्षदों के काम पार्षदों पर ही छोड़ दें।
वार्ड नंबर 93, मादीपुर से “आप” पार्षद साहिल गंगवाल ने कहा कि आज का दिन बड़ा शर्मसार रहा। आज हमारी विधानसभा के अंदर दो डिस्पेंसरियों का उद्घाटन किया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि दिल्ली की भाजपा सरकार ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया, लेकिन वहां बनाया जो उनकी संपत्ति ही नहीं है।
वह संपत्ति एमसीडी की है और एमसीडी ने उसे दिल्ली सरकार को हैंडओवर नहीं किया है। रेखा गुप्ता सरकार ने कुछ नया नहीं किया, बस वहां सफेदी करवा दी और उसके नाम पर लाखों रुपये ले लिए होंगे। मगर दिल्ली सरकार ने न तो वहां डॉक्टरों की तैनाती की, न दवाई की व्यवस्था की और न ही कोई उपकरण लगाया या कमरा बनाया। बस सफेदी कराकर काम चला लिया।
साहिल गंगवाल ने भेदभाव का सबूत देते हुए कहा कि भाजपा मंत्री प्रवेश वर्मा खुद उद्घाटन करने आए थे। साहिल गंगवाल ने बोर्ड दिखाते हुए कहा कि जहां भाजपा विधायक की पत्नी उर्मिला गंगवाल (वार्ड 94) पार्षद हैं, उस बोर्ड पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह, मंत्री प्रवेश वर्मा, सांसद कमलजीत सहरावत, विधायक कैलाश गंगवाल और पार्षद उर्मिला गंगवाल का नाम लिखा है, क्योंकि वे सभी भाजपा से हैं।

साहिल गंगवाल ने कहा कि वहीं दूसरी तरफ, मेरे वार्ड (93) के बोर्ड पर रेखा गुप्ता, पंकज सिंह, कमलजीत सहरावत और कैलाश गंगवाल का नाम तो है, लेकिन वहां से पार्षद का नाम गायब है। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि मैं आम आदमी पार्टी से हूं। भाजपा ने न तो मुझे काम करने दिया और न ही सम्मान दिया। भाजपा केवल अरविंद केजरीवाल की सरकार के समय हुए कामों पर अपनी मुहर लगा रही है।
साहिल गंगवाल ने कहा कि भाजपा सरकार अंधेरे में नेम प्लेट बदलने वाली सरकार है। भाजपा काम की नहीं, बल्कि नाम की राजनीति करती है। दिल्ली की जनता भाजपा सरकार के आने के बाद से बहुत परेशान है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा को सत्ता में आने में 27 साल लगे, लेकिन अगर वे ऐसी गंदी राजनीति करेंगे, तो आने वाले 100 साल में भी लोग उन्हें याद नहीं करेंगे।










