सोशल संवाद/डेस्क : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज का दिन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए बेहद खास है। भारतीय मुक्केबाज़ी दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। पहली बार एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के 10 मुक्केबाज़ों ने फाइनल में जगह बनाई है और आज सभी खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से रिंग में उतरेंगे।
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भारतीय टीम की सबसे बड़ी उम्मीदों में लवलीना बोरगोहेन शामिल हैं, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया है। उनके अलावा कई युवा भारतीय मुक्केबाज़ों ने भी मजबूत विदेशी खिलाड़ियों को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। सभी खिलाड़ियों ने कम से कम रजत पदक तो पक्का कर लिया है, लेकिन अब लक्ष्य उसे स्वर्ण पदक में बदलने का है।
अगर भारत के अधिकांश मुक्केबाज़ आज अपने मुकाबले जीतने में सफल रहते हैं, तो यह देश के मुक्केबाज़ी इतिहास का सबसे सफल कॉमनवेल्थ गेम्स अभियान साबित हो सकता है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और हालिया प्रदर्शन उन्हें गोल्ड जीतने का मजबूत दावेदार बनाता है।
मुक्केबाज़ी के अलावा एथलेटिक्स में भी भारत को पदकों की उम्मीद है। देशभर के करोड़ों खेल प्रेमियों की निगाहें आज भारतीय खिलाड़ियों पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि भारत आज कई स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा तथा कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक नया इतिहास रचेगा।









