सोशल संवाद/डेस्क : इस महीने के आखिर यानी, 31 दिसंबर तक गाड़ी खरीदने का अच्छा मौका है। क्योंकि 1 जनवरी से कंपनियां दाम बढ़ाने वाली हैं। वहीं छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें भी घट सकती हैं। इसलिए अभी निवेश का प्लान बना रहे हैं तो ज्यादा ब्याज का फायदा मिल सकता है। इसके अलावा भी कुछ कामों की डेडलाइन खत्म हो रही है।
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1. पांच दिन तक सस्ती गाड़ी खरीदने का मौका
मारुति, टाटा, MG और हुंडई जैसी कंपनियां की गाड़ियां 1 जनवरी से महंगी हो सकती है। MG ने दाम बढ़ाने की घोषणा भी कर दी है, वहीं बाकी कंपनियां भी जल्द ही इसकी घोषणा कर सकती है।
इनपुट कॉस्ट बढ़ने से MG मोटर ने कारों की कीमत 2% तक बढ़ाई है। इससे MG हेक्टर 38 हजार रुपए महंगी मिलेगी। MG के अलावा लग्जरी सेगमेंट में मर्सिडीज और BMW ने कीमत 2-3% तक बढ़ाने का ऐलान किया है।
2. स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरें घट सकती हैं
31 दिसंबर तक स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरों में कटौती का ऐलान हो सकता है। इसमें कुल 11 स्कीम्स शामिल है। RBI ने 5 दिसंबर को रेपो रेट 0.25% घटाकर 5.25% कर दिया था, जिस वजह से इन स्कीम्स की ब्याज दर घटने का अनुमान है।
- रेपो रेट कम होने से बैंकों को पैसा सस्ता मिलता है।
- इससे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और छोटी बचत योजनाओं की दरें घटती हैं।
- सरकार हर तिमाही (जनवरी, अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर) में दरों का रिव्यू करती है।
3. आधार को पैन से लिंक करें
जिन लोगों का आधार कार्ड 1 अक्टूबर 2024 या उससे पहले बना है, उन्हें 31 दिसंबर तक उसे पैन के साथ लिंक करना है। ऐसा न करने पर पैन इनएक्टिव यानी बंद हो सकता है।
लिंक नहीं किया तो क्या परेशानियां होंगी?
अगर आपका पैन इनऑपरेटिव हो गया, तो आप न तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भर पाएंगे, न पेंडिंग रिफंड ले पाएंगे। बैंक अकाउंट या म्यूचुअल फंड से जुड़े कामों में भी दिक्कत आएगी।
4. इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया तो रिफंड अटक सकता है
अगर आपने अभी तक वित्त वर्ष 2024-25 का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं किया है तो लेट फीस के साथ 31 दिसंबर 2025 फाइल कर सकते हैं। ऐसा न करने पर नोटिस आने के साथ ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जुर्माना भी लगा सकता है।
टैक्स एक्सपर्ट चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आनंद जैन (इंदौर) के अनुसार 31 दिसंबर के बाद ITR फाइल करने पर आपका रिफंड (वापस मिलने वाला पैसा) क्लेम नहीं होगा। रिफंड का पैसा सरकार के पास चला जाएगा।
यदि आप 5 लाख से कम इनकम का बिलेटेड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं तो आपको 1,000 रुपए लेट फीस देनी होगी। वहीं इनकम 5 लाख या उससे ज्यादा है तो 5,000 रुपए की लेट फीस देनी होगी।
ITR-U भरने पर एक्स्ट्रा पेनल्टी देनी होगी
अगर आप 31 दिसंबर के बाद इनकम टैक्स फाइल करते हैं तो ज्यादा टैक्स देना होगा:
- 12 महीने के अंदर: कुल टैक्स का 25% ज्यादा।
- 24 महीने के अंदर: कुल टैक्स का 50% ज्यादा।
- 36 से 48 महीने के अंदर: 60% से 70% तक ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है।










