सोशल संवाद / नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में क्षेत्रवाद, भाषा और धर्म के नाम पर बढ़ती हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर दिल्ली कांग्रेस ने केंद्र और दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने कहा कि दिल्ली में रोजगार और जीविका कमाने आए पूर्वांचल के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के निर्देश पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को प्रदेश महासचिव डॉ. पी.के. मिश्रा, कम्युनिकेशन विभाग के वाइस चेयरमैन अनुज आत्रेय, पूर्वांचल सेल के चेयरमैन प्रो. सुधांशु कुमार और लीगल एवं मानव अधिकार विभाग के चेयरमैन एडवोकेट सुनील कुमार ने संबोधित किया।
पूर्वांचल सेल के चेयरमैन प्रो. सुधांशु कुमार ने कहा कि कापसहेड़ा में राम कुमार यादव की आत्महत्या और पांडव कुमार की हत्या जैसी घटनाओं ने पूर्वांचल समाज को झकझोर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम कुमार यादव को लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। सुसाइड नोट में बिहारी होने के कारण प्रताड़ना झेलने की बात भी सामने आई है।
उन्होंने कहा कि घटना के कई दिन बाद तक एफआईआर दर्ज नहीं होने पर दिल्ली कांग्रेस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस और सरकार इस मामले में संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है।

प्रदेश महासचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने कहा कि दिल्ली में 80 से 90 लाख पूर्वांचली रहते हैं और वे राजधानी की सामाजिक व आर्थिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में भाषा और क्षेत्रवाद के नाम पर उनके खिलाफ हो रही घटनाएं मानवता पर सीधा हमला हैं।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पांडव कुमार मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो, पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही क्षेत्रवाद के खिलाफ सख्त कानून बनाने की भी मांग की गई।
एडवोकेट सुनील कुमार ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस की लीगल सेल पीड़ित परिवारों को मुफ्त कानूनी सहायता देगी और दोषियों को सजा दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जून के पहले सप्ताह में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।











