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कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजैनिका ने माना कि इस वैक्सीन को लगाने से हो सकता है हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक – सौरभ भारद्वाज

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सोशल संवाद/दिल्ली(रिपोर्ट – सिद्धार्थ प्रकाश ) : पार्टी मुख्यालय में हुई एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, कि पिछले दो-तीन सालों में हम सभी ने सैकड़ो ऐसे वीडियो देखे हैं, जिसमें एक जवान लड़का अचानक चलते-चलते गिर जाता है और उसकी मृत्यु हो जाती है, ऐसे ही एक युवती शादी के वक्त वरमाला के लिए खड़ी हुई है और अचानक से गिर जाती है और उसकी मृत्यु हो जाती है, गरबा आयोजन में जवान युवक और युक्तियां नृत्य कर रहे हैं और अचानक से उनमें से कोई गिर जाता है और पता चलता है कि उसकी मृत्यु हो गई है, कोई व्यक्ति रामलीला में किसी पात्र का किरदार निभा रहा है और अचानक गिर जाता है और पता चलता है कि उसकी मृत्यु हो गई है I

उन्होंने कहा कि ये सभी वीडियो पब्लिक के बीच इस कारण से आ सके क्योंकि यह सभी लोग कुछ ना कुछ ऐसा काम कर रहे थे जिसका कि वीडियो बनाया जा रहा था, परंतु हजारों ऐसे लोग होंगे जिनकी मृत्यु हुई परंतु पता नहीं चल सका, क्योंकि वह कुछ ऐसा काम कर रहे होंगे, कि जिस समय उनकी वीडियो नहीं बन रहा था I उदाहरण के तौर पर कोई खाना खाते-खाते गिर गया और उसकी मृत्यु हो गई, कोई पढ़ाई करते-करते गिर गया और उसकी मृत्यु हो गई, कोई सो रहा था सोते-सोते उसकी मृत्यु हो गई, ऐसे दर्जनों उदाहरण मौजूद हैं जिसकी जानकारी पब्लिक के बीच नहीं आ सकी I

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब-जब कहीं भी इस प्रकार से किसी की मृत्यु हुई, तो लोगों मन में एक शक पैदा हुआ, कहीं यह कोरोना वैक्सीन के कारण तो नहीं हो रहा है I उन्होंने कहा कि आप गूगल पर इस बात की जांच कर सकते हैं, कि दर्जनों न्यूज़ चैनलों ने और अखबारों ने इस विषय पर खबर चलाई है, कि देश में अचानक से बढ़ते हार्ट अटैक मामलों का कारण कहीं कोरोना वैक्सीन तो नहीं है I उन्होंने कहा कि अब तक यह लोगों के मन में केवल एक शक था, परंतु अब यह बात सच साबित होती नजर आ रही है I सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम के एक कोर्ट में कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजैनिका पर लगभग एक हजार करोड़ रूपए का एक दावा वहां के लोगों द्वारा डाला गया है I

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चिंता वाली बात यह है कि जो कोरोना वैक्सीन एस्ट्राजैनिका कंपनी ने बनाई थी, बिल्कुल हूबहू वही वैक्सीन भारत में आदार पूनावाला की कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया में कोविशील्ड के नाम से बनाई गई और जिसे भारत सरकार ने खूब प्रचारित किया और पूरे देश में लोगों को वह कोविशील्ड वैक्सीन लगाई गई I उन्होंने कहा कि हमारे देश के करोड़ों नागरिकों के लिए यह बड़ी ही चिंता का विषय है और सबके सामने एक बहुत बड़ा प्रश्न है, कि अब उन्हें क्या करना चाहिए? न केवल लोगों के सामने बल्कि भारत सरकार के सामने भी यह एक बड़ा प्रश्न है, कि अब सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए, जिससे कि यह पता चल सके की कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने के बाद कहीं भारत के लोगों में भी ब्लड क्लोट बनने की समस्या तो पैदा नहीं हो गई है I उन्होंने कहा कि अब इस मामले पर भारत सरकार को युद्ध स्तर पर काम करना पड़ेगा, एस्ट्राजैनिका कंपनी से बात करनी पड़ेगी, डॉक्टर से विचार विमर्श करना पड़ेगा और देखना पड़ेगा कि कौन सी ऐसी जांच हैं जो करवाई जाए और इस बात का पता लगाया जाए की यदि किसी व्यक्ति में इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट हो रहे हैं, तो उसके क्या सिंप्टोम्स हैं, और किस प्रकार से उसकी जान बचाई जा सके I

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह इतना गंभीर मामला है, कि इस पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए I उन्होंने बताया कि हम इस बात का इंतजार कर रहे थे कि शायद एस्ट्राजैनिका के स्वीकार करने के पश्चात अब भारत सरकार इस पर कोई कड़ा कदम उठाएगी, परंतु दो दिन बीत चुके हैं भारत सरकार द्वारा कोई भी कदम इस संबंध में नहीं उठाया गया तो मजबूरन हमें यह प्रेस वार्ता करनी पड़ी है I उन्होंने कहा कि इस प्रेस वार्ता के माध्यम से हम भारत सरकार से पूछना चाहते हैं, कि यह इतना गंभीर मामला कि इस देश के करोड़ों लोगों की जान का सवाल है, इस मामले में भारत सरकार क्या कर रही है और अब तक क्या कदम उठाए हैं ? सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता के दौरान ऐसी ही घटनाओं से संबंधित एक वीडियो दिखाई और बताया कि ऐसे सैकड़ो वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं जिनमें इस प्रकार की घटनाएं देखने को मिली I

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह एक बड़ा प्रश्न है कि जिस समय यूरोप के अधिकांश देशों ने कोविशील्ड वैक्सीन को बैन कर दिया था, आखिर क्यों भारत सरकार पूरे देश में उसका प्रचार कर रही थी और लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन लगाने के लिए बाध्य किया जा रहा था ? उन्होंने कहा कि 2021 से लेकर अब तक केंद्र सरकार द्वारा इस बात का कोई जवाब नहीं दिया गया है और अब जब खुद इस वैक्सीन को बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजैनिका ने स्वीकार कर लिया है, कि इस वैक्सीन को लगाने की वजह से लोगों को ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक की शिकायतें हो सकती हैं उसके बावजूद भी भारत सरकार चुप बैठी हुई है I

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