सोशल संवाद / नई दिल्ली : त्योहारी सीजन को देखते हुए राजधानी दिल्ली के नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्ध सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने आज फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में मंत्री महोदय ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि राजधानी दिल्ली में खाद्य पदार्थों की जांच और एनफोर्समेंट ड्राइव को और तेज करें।
स्वास्थ्य मंत्री ने फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को निर्देश दिया कि राजधानी दिल्ली के सभी जिलों में विशेष निरीक्षण टीमें तैनात करने के साथ खाद्य उत्पादों की निगरानी को और अधिक मजबूत किया जाए। जिसमें डेयरी प्रतिष्ठान, मिठाई निर्माताओं, थोक बाजारों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, गोदामों, खुदरा दुकानों और खाद्य उत्पादों की आपूर्ति से जुड़े अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से त्योहारों के दौरान ज्यादा खपत वाले खाद्य पदार्थों की नियमित और सघन जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की कार्रवाई की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्कता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जांच अभियान सिर्फ त्योहारी सीजन तक सीमित नहीं रहें, बल्कि पूरे साल लगातार जारी रहें। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल, , समय पर खाद्य नमूने एकत्र करने, उनकी प्रयोगशालाओं में जांच और नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया।
फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने पिछले दो महीनों में कुल 429 खाद्य नमूने एकत्र किए हैं, जिनमें 307 एनफोर्समेंट नमूने और 122 सर्विलांस नमूने शामिल थे। इस दौरान, अधिकारियों ने निरीक्षण और एनफोर्समेंट ड्राइव के लिए कुल 32 फील्ड आयोजित किए गए।
मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ व्यापक एनफोर्समेंट कार्रवाई
इसी अवधि के दौरान विभाग की एनफोर्समेंट की कार्रवाई में 4500 किलोग्राम से अधिक असुरक्षित और खाने के लिए अनुपयुक्त खाद्य सामग्री नष्ट की गई। इसमें 3440 किलोग्राम खोया, धाप और मक्खन, 658 किलोग्राम पनीर और 139 किलोग्राम एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पाद शामिल है।
विभाग ने पनीर, खोया और घी में मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान भी चलाए। इस दौरान घी की जांच के लिए तीन छापेमारी अभियान में 65 नमूने एकत्र किए गए, जिनमें से 19 असुरक्षित पाए गए। इसके अलावा पिछले महीने मिठाई बनाने वालों, डेयरी प्रतिष्ठानों, व्रत का खाना बनाने वालों, जेजे कॉलोनियों और डार्क स्टोर्स को कवर करते हुए छह विशेष अभियान चलाए गए, जिनमें 148 नमूने एकत्र किए गए। राजधानी दिल्ली के हसताल, विकासपुरी, बुडेला, नजफगढ़, भोगल और शिव विहार में घी से जुड़ी एनफोर्समेंट की कार्रवाई में दिल्ली पुलिस का भी सहयोग लिया गया।
आज मोरी गेट स्थित खोया मंडी में की गई ताजा जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने 6700 किलोग्राम अनुपयुक्त और बदबूदार खोया और धाप की पहचान करके उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। इस दौरान ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ (चलती-फिरती प्रयोगशाला) के माध्यम से कुल 44 निगरानी नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 35 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा प्रयोगशाला में विस्तृत जांच के लिए दो एनफोर्समेंट सैंपल भी लिए गए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि खोया, पनीर, छेना, मिठाइयां, नमकीन, घी, खाने के तेल और सूखे मेवों जैसी प्राथमिकता वाली खाद्य श्रेणियों पर विशेष निगरानी रखें। उन्होंने आगे कहा कि मिलावट और खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितताओं की पहचान के लिए निर्माण इकाइयों, थोक बाजारों, खुदरा दुकानों, गोदामों और भंडारण व्यवस्थाओं की भी नियमित रूप से जांच की जाए।
बैठक के दौरान माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि राजधानी दिल्ली के नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट एक गंभीर अपराध है, जो सीधे तौर पर जन-स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैंने फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को दिल्ली के सभी क्षेत्रों में विशेष टीमें तैनात करने और चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। ये जांच अभियान केवल त्योहारों के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे साल जारी रहेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत करने और प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सभी जिलों में प्रभावी निगरानी, नियमों के उल्लंघन के मामलों में त्वरित कार्रवाई और निरंतर एनफोर्समेंट ड्राइव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
माननीय स्वास्थ्य मंत्री ने दोहराया कि यह अभियान पूरे वर्ष निरंतर जारी रहेगा, ताकि दिल्ली में खाद्य पदार्थों में मिलावट को पूरी तरह से रोका जा सके और राजधानी के हर नागरिकों के स्वास्थ्य और हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।











