सोशल संवाद / रांची: झारखंड में सरकारी राशन योजना का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने अपात्र राशन कार्डधारकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। रांची जिले के रातू प्रखंड में 115 राशन कार्डधारियों को नोटिस जारी किया गया है। जांच में सामने आया कि इनमें कई लोगों की वार्षिक आय 6 लाख रुपये से अधिक है, जबकि कुछ लाभुक चारपहिया वाहन के मालिक होने के बावजूद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राशन का लाभ ले रहे थे।

सर्वे में हजारों अपात्र लाभुकों की हुई पहचान
जिला आपूर्ति शाखा द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में रांची जिले के 6,556 अपात्र राशन कार्डधारियों की पहचान की गई है। अधिकारियों के अनुसार, ये लोग निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा नहीं करते थे, लेकिन फिर भी सरकारी राशन योजना का लाभ ले रहे थे।
45 की आय 6 लाख से अधिक, 70 के पास चारपहिया वाहन
प्रशासन के अनुसार, रातू प्रखंड के 115 नोटिसधारी लाभुकों में 45 लोगों की वार्षिक आय 6 लाख रुपये से अधिक पाई गई, जबकि 70 लाभुक चारपहिया वाहन के मालिक हैं। ऐसे सभी मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
15 दिनों में जमा करनी होगी राशि और सरेंडर करना होगा राशन कार्ड
जिला प्रशासन ने संबंधित लाभुकों को 15 दिनों के भीतर निर्धारित राशि जमा करने और स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड सरेंडर करने का निर्देश दिया है। विभाग की ओर से प्रत्येक मामले में लाखों रुपये की वसूली का नोटिस भी जारी किया गया है।
निर्देश का पालन नहीं करने पर होगी FIR
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं करने वाले लाभुकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अपात्र लोगों को योजना से बाहर करने से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को उनका अधिकार मिलेगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि वे राशन योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते हैं, तो स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड सरेंडर करें, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके।










