सोशल संवाद/डेस्क: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ कई छात्रों और अभिभावकों को नहीं मिल पा रहा है। दो साल पहले शुरू की गई इस योजना के तहत 15 लाख रुपए तक का शिक्षा ऋण 4% वार्षिक सामान्य ब्याज दर पर देने का प्रावधान है। ऋण चुकाने की अवधि 15 वर्ष तय है।

यह भी पढ़ें: राष्ट्रपति के कार्यक्रम में 1200 अतिथि होंगे शामिल
योजना के अनुसार पढ़ाई के दौरान यदि छात्र या अभिभावक ब्याज की किस्त चुकाना चाहते हैं तो उनसे केवल 4% ब्याज ही लिया जाना है। शेष ब्याज राशि राज्य सरकार का उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग संबंधित बैंक को देगा। इसके लिए सरकार ने कॉरप्स फंड के रूप में 5 करोड़ रुपए एक तय बैंक को उपलब्ध कराए हैं, ताकि अतिरिक्त ब्याज का समायोजन किया जा सके। लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है।
भास्कर की पड़ताल में ऐसे कई मामलों के दस्तावेज सामने आए हैं, जिनमें पिछले 20 माह से 10.65% की दर से ब्याज वसूला गया है। एक अभिभावक ने बेटे की पढ़ाई के लिए बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) की झारखंड सचिवालय शाखा से 10 लाख रुपए का लोन लिया। लोन पत्र में बैंक की ब्याज दर 10.65% दर्ज है। त्रिपक्षीय समझौते के तहत छात्र और अभिभावक से केवल 4% ही वसूला जाना है। अभिभावक ने अपनी सैलरी से ब्याज की किस्त कटाने का प्रस्ताव भी दिया।
कॉरप्स बैंक एचडीएफसी को देना है 6.65% ब्याज
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्रों को 4% सालाना ब्याज दर पर शिक्षा ऋण देने का प्रावधान है। योजना के अनुसार 4% से अधिक जो भी ब्याज बनता है, उसकी भरपाई राज्य सरकार करती है। सरकार ने एचडीएफसी बैंक को अतिरिक्त ब्याज समायोजन के लिए राशि भी दे रखी है। लेकिन बैंक ऑफ इंडिया छात्रों से 4% की जगह 10.65% की दर से ब्याज वसूल रहा
बीओआई : कॉरप्स बैंक से राशि नहीं मिली, इसलिए पूरा ब्याज लगा
बीओआई की सचिवालय शाखा के चीफ मैनेजर अमित दुबे ने कहा कि लोन देने वाले ब्रांच को सामान्य दर 10.65% से ही ब्याज की गणना करनी होती है। 6.65% की अंतर राशि कॉरप्स बैंक से मिलने पर लाभुकों को वापस करना है। एक बार कॉरप्स बैंक से राशि जारी हुई थी पर उसे वापस कर दिया गया।
इसलिए 10.65% ब्याज लिया जा रहा है। नियम के मुताबिक 6.65% अतिरिक्त ब्याज की राशि कॉरप्स बैंक एचडीएफसी को सब्सिडी के रूप में संबंधित बैंक को देनी है, ताकि छात्रों से सिर्फ 4% ही लिया जाए। सरकार ने इसके लिए 5 करोड़ रुपए का कॉरप्स फंड पहले ही जारी कर दिया है। इसके बावजूद छात्रों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस मामले में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया।
एचडीएफसी : रिलीज आदेश नहीं, इसलिए बैंकों को नहीं दी गई राशि
कॉरप्स बैंक एचडीएफसी के राज्य प्रभारी प्रतिनिधि नवनीत गांधी ने कहा कि ब्याज मद का कॉरप्स फंड बैंक के पास उपलब्ध है। लेकिन यह राशि विभाग के रिलीज आदेश के बाद ही संबंधित बैंकों को दी जा सकती है। चूंकि विभाग की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला है, इसलिए अंतर राशि जारी नहीं की गई है।
वित्त मंत्री : महत्वाकांक्षी योजना, गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई होगी
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड हेमंत सोरेन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि पैसों की कमी पढ़ाई में बाधा न बने। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि यदि छात्रों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है या परेशानी हो रही है तो संबंधित बैंक और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। एचडीएफसी, बैंक ऑफ इंडिया या अन्य बैंक जो इस योजना के तहत ऋण दे रहे हैं, उन्हें तय नियम के अनुसार राशि देनी होगी।










