सोशल संवाद/जमशेदपुर: दलमा तराई क्षेत्र के पटमदा स्थित निताई सिंह भवन में प्रस्तावित महाजन सम्मेलन की तैयारी को लेकर बुधवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोजकों ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और अधिक से अधिक लोगों से सम्मेलन में शामिल होने की अपील की।

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प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि महाजन सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक एकता को सुदृढ़ करना, संगठन को मजबूत बनाना तथा क्षेत्रीय समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाना है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के माध्यम से दलमा क्षेत्र के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक रणनीति बनाई जाएगी।
ईको टूरिज्म के नाम पर संकट का आरोप
वक्ताओं ने विशेष रूप से दलमा क्षेत्र में ईको टूरिज्म परियोजनाओं के नाम पर उत्पन्न हो रहे संभावित संकट पर चिंता व्यक्त की। उनका आरोप था कि विकास के नाम पर स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और भागीदारी को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान और पंचायत (अनुसूचित क्षेत्र विस्तार) अधिनियम (PESA) के तहत ग्राम सभा को प्राथमिक अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन कई मामलों में उनकी अनदेखी की जा रही है।
वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जल-जंगल-जमीन पर पहला और अंतिम अधिकार स्थानीय ग्राम सभाओं का है, और किसी भी योजना को लागू करने से पहले उनकी सहमति अनिवार्य होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ग्राम सभा की भूमिका को दरकिनार किया गया तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा।
जनसंपर्क अभियान तेज
आयोजकों ने बताया कि महाजन सम्मेलन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। युवाओं, महिलाओं और बुद्धिजीवियों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया है। उनका कहना था कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र के अधिकारों और अस्मिता की रक्षा का सामूहिक प्रयास है।
इस अवसर पर भक्तों रंजन भूमिज, रमानाथ सिंह सरदार, लुघु सिंह सरदार, सुषेण सिंह सरदार, शत्रुघ्न सिंह सरदार, कालीचरण सिंह सरदार, दिलीप सिंह सरदार, दलमा टाइगर सुकलाल पहाड़िया, राधेश्याम सिंह भूमिज, अमर सिंह सरदार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प दोहराया। प्रेस वार्ता के अंत में आयोजकों ने विश्वास जताया कि दलमा तराई की जनता महाजन सम्मेलन में बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करेगी।










