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मानवता और निर्ममता की हदें पार करते हुए चैतर वसावा की पत्नी को 17 दिन के नवजात के साथ जेल भेज दिया गया- गोपाल राय

By Riya Kumari

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मानवता और निर्ममता की हदें पार करते हुए चैतर वसावा की पत्नी को 17 दिन के नवजात के साथ जेल भेज दिया गया- गोपाल राय

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सोशल संवाद / नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने अब गुजरात में ईडी पार्टी के दमन का अंत करने की ठान ली है। आदिवासी समाज के लोकप्रिय नेता और डेडियापाड़ा से विधायक चैतर वसावा को फर्जी केस में सात साल की सजा होने के खिलाफ पार्टी ने पूरे गुजरात में प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने का फैसला लिया है। 26 जून से शुरू हो रहे आंदोलन की जानकारी साझा करते हुए ‘‘आप’’ गुजरात के प्रभारी गोपाल राय ने बताया कि 26 जून को सभी जिलों में, 28 को सभी विधानसभाओं और 30 जून को सभी वार्डों-जिला पंचायतों में चैतर वसावा के समर्थन में मार्च निकाला जाएगा।

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गोपाल राय ने कहा कि मंगलवार को दो फैसले आए। एक में ईडी पार्टी ने अपने विधायक हार्दिक पटेल पर लगा देशद्रोह का केस हटा लिया और दूसरे में मारपीट मामले में ‘‘आप’’ विधायक चैतर वसावा को 7 साल की सजा करा दी। अगर चैतर वसावा भी हार्दिक पटेल की तरह ईडी पार्टी के सामने सरेंडर कर दिए होते तो आज उन पर कोई केस नहीं होता। मानवता और निर्ममता हद तो यह है कि चैतर वसावा की पत्नी को 17 दिन के नवजात के साथ जेल भेज दिया गया। विसावदर और नर्मदा जिले में जैसे ईडी पार्टी का सफाया हुआ, वैसे ही जनता पूरे गुजरात में इनका सफाया करेगी।

बुधवार को “आप” मुख्यालय पर पार्टी के वरिष्ठ नेता व गुजरात प्रभारी गोपाल राय ने प्रेस वार्ता कर कहा कि पूरे देश में ईडी पार्टी द्वारा लोकतंत्र की हत्या का चलाया जा रहा महा-अभियान दिन-ब-दिन घातक होता जा रहा है। ईडी पार्टी एक-एक कर विपक्ष की हर आवाज को कुचलने और निर्ममता पूर्वक दमन कर भारतीय लोकतंत्र को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने पर उतारू है। इसका एक नया अध्याय मंगलवार को गुजरात में देखने को मिला।

गोपाल राय ने बताया कि गुजरात में आम आदमी पार्टी के डेडियापाड़ा से विधायक चैतर वसावा को एक फर्जी केस में 7 साल की सजा हो गई। मंगलवार को गुजरात में दो निर्णय आए। एक ईडी पार्टी के विधायक हार्दिक पटेल के संदर्भ में और दूसरा चैतर वसावा के संदर्भ में। पाटीदार आंदोलन के समय जब हार्दिक पटेल नेतृत्व कर रहे थे, तो ईडी पार्टी की सरकार और पुलिस ने उन पर देशद्रोह समेत कई मुकदमे लगाए। लेकिन जब हार्दिक पटेल ईडी पार्टी में शामिल हो गए और विधायक बन गए, तो मंगलवार को उनके ऊपर से देशद्रोह का मुकदमा वापस ले लिया गया।

गोपाल राय ने कहा कि दूसरी तरफ, चैतर वसावा ने ईडी पार्टी के सामने सरेंडर करने से मना कर दिया, तो उन्हें मारपीट के मामले में 7 साल की सजा दे दी गई। निर्ममता की हद यह है कि चैतर वसावा की पत्नी, जो 17 दिन के बच्चे की मां हैं, उन्हें भी बच्चे के साथ जेल जाने पर मजबूर कर दिया गया। यह मानवता और निर्ममता की हद पार करने जैसा है। देशद्रोह का मुकदमा वापस लेना और मारपीट में 7 साल की सजा देना यह साफ दिखाता है कि ईडी पार्टी ने देश में लोकतंत्र को कुचलने की ठान ली है।

गोपाल राय ने कहा कि लेकिन सत्ता का अहंकार और ताकत को इतिहास में भी जनता ने तोड़ा है और भविष्य में भी तोड़ेगी। चैतर वसावा की जीत को ईडी पार्टी की सरकार बर्दाश्त नहीं कर पाई और फर्जी मुकदमे लगाकर उन्हें जेल में डाला गया। नर्मदा जिले में, जहां से चैतर वसावा विधायक हैं, प्रधानमंत्री ने लोकल बॉडी चुनाव से पहले दो-दो सभाएं की थीं। लेकिन गुजरात के लोगों ने दमन का जवाब वोट से दिया और पहली बार नर्मदा जिले में प्रचंड बहुमत से आम आदमी पार्टी की सरकार बनाई।

गोपाल राय ने बताया कि सरकार ने चैतर वसावा को यह सजा देकर बदला लेने की कोशिश की है, क्योंकि वह आदिवासियों के हकों, उनके जल-जंगल-जमीन के अधिकार और मान-सम्मान के लिए लड़ते हैं। इसका जवाब पूरी गुजरात की जनता देगी। जिस तरह विसावदर और नर्मदा जिले में जनता ने ईडी पार्टी का सफाया किया, यह लड़ाई भी जनता ही लड़ेगी।

गोपाल राय ने जानकारी दी कि आम आदमी पार्टी ने फैसला किया है कि ईडी पार्टी द्वारा लोकतंत्र की हत्या और दमन चक्र के खिलाफ तीन चरणों में 26 जून से प्रदेशव्यापी विरोध अभियान शुरू किया जाएगा। 26 जून को सभी जिलों में, 28 जून को सभी 182 विधानसभा क्षेत्रों में और 30 जून को पूरे गुजरात के सभी वार्डों और जिला पंचायत सीटों पर 1000 जगहों पर सपोर्ट मार्च निकाला जाएगा। 26 जून को, जिसे देश में इमरजेंसी के काले दिन के रूप में जाना जाता है, आम आदमी पार्टी गुजरात में चैतर वसावा के लिए सपोर्ट मार्च निकालकर इस आंदोलन को तेज करेगी। अब यह केवल चैतर वसावा, डेडियापाड़ा या आदिवासी क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे गुजरात की लड़ाई बनेगी।

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