सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड में छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने अब झारखंड विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। छात्रों की इस घोषणा के बाद जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
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कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने झारखंड विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इस आदेश के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी तरह का धरना, प्रदर्शन, जुलूस या भीड़ जुटाने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि विधानसभा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
दरअसल, जेपीएससी और जेएसएससी समेत विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवाओं को समय पर नियुक्तियां मिलनी चाहिए और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। इन्हीं मांगों को लेकर छात्रों ने विधानसभा का घेराव करने की घोषणा की है।
छात्रों के ऐलान को देखते हुए विधानसभा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकता है।
धारा 163 लागू होने के बाद क्या रहेगा प्रतिबंध?
- विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा।
- बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।
- जुलूस, नारेबाजी और सार्वजनिक सभाओं की अनुमति नहीं होगी।
- नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें। वहीं, छात्र संगठनों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।









