सोशल संवाद / डेस्क : कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में वंदे मातरम् को लेकर पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट किया है। कांग्रेस ने 1937 में लिए गए अपने पुराने फैसले के अनुरूप पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत की पहली दो कड़ियों के गायन पर कायम रहने का निर्णय लिया है।
बैठक के दौरान पार्टी के संगठन और आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी ने पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखने और सभी नेताओं को मिलकर काम करने पर जोर दिया।
वंदे मातरम् पर कांग्रेस का रुख
CWC के फैसले के बाद कांग्रेस ने कहा कि उसका रुख 1937 के ऐतिहासिक निर्णय के अनुरूप है। पार्टी नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वंदे मातरम् और राष्ट्रगान कांग्रेस के लिए भावनात्मक विषय हैं और इस मामले में पार्टी का रुख स्पष्ट है।
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस के फैसले पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत को लेकर राजनीति करने और तुष्टिकरण की राजनीति के आरोप लगाए हैं।
CWC बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा
कांग्रेस की इस अहम बैठक में छात्रों से जुड़े मुद्दों, कथित पेपर लीक, राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों और महिला आरक्षण समेत कई राजनीतिक मुद्दों पर रणनीति पर चर्चा हुई। पार्टी ने इन मुद्दों को लेकर देशभर में अभियान तेज करने की योजना भी बनाई है।
इस बैठक के बाद वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।









