सोशल संवाद/जमशेदपुर : हाथियों के लिए विश्व प्रसिद्ध और 192 वर्ग किमी में फैले दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी (Dalma Wildlife Sanctuary) की सुरक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। जंगल की निगरानी को आधुनिक बनाने और वन्यजीवों के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग ने एक करोड़ रुपये की योजना तैयार की है।

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AI कैमरों और वॉच टावर का बिछेगा जाल
दलमा के संवेदनशील इलाकों और जानवरों की आवाजाही वाले मुख्य रास्तों पर 20 नए वॉच टावर और चौकियां बनाई जाएंगी। इन टावरों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि ये एआई (Artificial Intelligence)आधारित कैमरों से लैस होंगे।
- सटीक निगरानी: एआई कैमरे जंगली जानवरों की गतिविधियों की सटीक जानकारी देंगे।
- शिकार पर लगाम: अवैध शिकार या जंगल में घुसपैठ करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान तुरंत हो सकेगी।
- आग से बचाव: गर्मी के मौसम में वनाग्नि (Forest Fire) की घटनाओं का शुरुआती स्तर पर ही पता चल सकेगा।
संचार के लिए खरीदे जा रहे 100 वायरलेस सेट
डीएफओ (दलमा) सह गज परियोजना के उप निदेशक सबा आलम अंसारी ने बताया कि आधुनिक संचार व्यवस्था के अभाव में पहले सूचनाओं के आदान-प्रदान में देरी होती थी। इस समस्या को दूर करने के लिए विभाग 100 नए वायरलेस सेट खरीद रहा है। इससे फील्ड स्टाफ, रेंज कार्यालय और मुख्यालय के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। किसी भी आपात स्थिति में वनकर्मी तुरंत एक-दूसरे को अलर्ट कर सकेंगे।
पर्यटकों की सुरक्षा और बढ़ता ग्राफ
दलमा में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अब यहां पर्यटकों के लिए रात्रि विश्राम की सुविधा भी उपलब्ध है। ऐसी स्थिति में पर्यटकों की सुरक्षा वन विभाग के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हाथी, भालू, लाल गिलहरी, हिरण और मोर जैसे जीवों का यह प्राकृतिक आवास अब तकनीक के पहरे में और अधिक सुरक्षित होगा। यह निवेश दलमा की प्राकृतिक सुंदरता को भविष्य की पीढ़ियों के लिए सहेजने की दिशा में एक बड़ा कदम है।










