सोशल संवाद / जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को लेकर उपायुक्त राजीव रंजन ने नाराजगी जताई है। गोलमुरी-सह-जुगसलाई प्रखंड में छात्रों की उपस्थिति महज 65.18 प्रतिशत दर्ज की गई। इस पर डीसी ने संबंधित अधिकारियों को कम उपस्थिति वाले स्कूलों की पहचान कर कारणों की जांच करने और अभिभावकों से संपर्क कर उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए।
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गुरुवार को समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक हुई। इसमें सरकारी, आवासीय और मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था के साथ विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधार कार्ड, बैंक खाते, साइकिल वितरण, बोर्ड परीक्षा की तैयारी और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की गई।
अन्य प्रखंडों में 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति
बैठक में बताया गया कि गोलमुरी-सह-जुगसलाई को छोड़कर जिले के अन्य प्रखंडों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 70 प्रतिशत से अधिक रही। उपायुक्त ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को स्कूलों की नियमित निगरानी करने और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिया कि कम उपस्थिति वाले विद्यालयों को चिह्नित कर उसके कारणों की समीक्षा की जाए। जरूरत पड़ने पर अभिभावकों से बातचीत कर बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए।
एक महीने में 12,558 विद्यार्थियों के बने आधार कार्ड
शिक्षा विभाग की बैठक में आधार कार्ड निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक महीने में जिले के 12,558 छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बनाए गए हैं।
डीसी ने शेष विद्यार्थियों का आधार कार्ड बनाने के लिए अभियान तेज करने का निर्देश दिया। जिन बच्चों के आधार कार्ड बन चुके हैं, उनके बैंक खाते खुलवाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार या बैंक खाते की कमी के कारण कोई भी पात्र विद्यार्थी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
आवासीय विद्यालयों की कमियां जल्द दूर करने का निर्देश
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। सितंबर में हुए निरीक्षण के दौरान पेयजल पाइप की मरम्मत, खराब सोलर लाइट, क्षतिग्रस्त छत, बाउंड्री की ऊंचाई बढ़ाने और भवन निर्माण के अधूरे कार्यों जैसी कमियां सामने आई थीं।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
निजी स्कूलों को UDISE+ डेटा अपडेट करने का आदेश
जिले के सभी निजी विद्यालयों को यू-डाइस प्लस (UDISE+) पोर्टल पर लंबित आंकड़ों और प्रविष्टियों को जल्द अपडेट करने को कहा गया। इसमें नामांकन संबंधी अंतर दूर करना, आधार का दोबारा सत्यापन, एमबीयू अपडेट, अपार आईडी बनाना और ड्रॉपबॉक्स डेटा को अद्यतन करना शामिल है।
स्कूलों और संबंधित शिक्षकों को प्रशस्त ऐप पर पंजीकरण कराने का निर्देश भी दिया गया।
बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर जोर
आगामी बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए बैठक में ‘सिकुई-दिकुई अभियान’ की भी समीक्षा हुई। डीसी ने विद्यार्थियों के विषयवार ज्ञान, नियमित अभ्यास और पढ़ाई में कमजोरियों की पहचान पर विशेष ध्यान देने को कहा।
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों के इस्तेमाल तथा विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग देने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मी और निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि मौजूद थे।










