सोशल संवाद / रांची : झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आदिवासी नेत्री निशा भगत की 6 नवंबर 2026 को पिठोरिया थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना से पहले उनका एक फेसबुक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह भावुक होकर अपनी परेशानियों, कथित धमकियों और प्रशासन को लेकर कई गंभीर सवाल उठाती नजर आ रही हैं। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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वायरल वीडियो में क्या कहती नजर आईं निशा भगत?
जानकारी के अनुसार, घटना से पहले निशा भगत ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी बात रखी थी। वायरल वीडियो में वह अपने संघर्ष, जमीन से जुड़े विवाद, प्रशासन के साथ कथित टकराव और आदिवासी अधिकारों के मुद्दों का जिक्र करती दिखाई दे रही हैं।
वीडियो में वह अपने माता-पिता का जिक्र करते हुए भावुक भी हो जाती हैं। साथ ही, उन्होंने अपनी सुरक्षा और प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो और घटना के बीच संबंधों की जांच की जानी बाकी है।
थाना प्रभारी को फोन कर कही थी जान देने की बात
जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक लाइव के दौरान निशा भगत ने पिठोरिया थाना प्रभारी को फोन किया था। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि वह अपनी जीवनलीला समाप्त करने जा रही हैं। बताया गया कि इससे कुछ घंटे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी साझा की थी, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए झारखंड पुलिस को जिम्मेदार ठहराया था।
इस पोस्ट में उन्होंने मिशनरी, पैसे और जमीन से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया था। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अस्पताल ले जाने के दौरान नहीं बचाई जा सकी जान
रिपोर्ट के अनुसार, निशा भगत रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र के दाहूटोली गांव की रहने वाली थीं। शुक्रवार को घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में वायरल फेसबुक लाइव, सोशल मीडिया पोस्ट और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पहले भी मिल चुकी थी जान से मारने की धमकी
गौरतलब है कि जुलाई 2026 में भी निशा भगत ने सोशल मीडिया के जरिए जान से मारने की धमकी मिलने और पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगे जाने का आरोप लगाया था। इस संबंध में उन्होंने रांची साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
निशा भगत आदिवासी अधिकार, सरना धर्म, जल-जंगल-जमीन और आदिवासी पहचान से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही थीं। अब उनके निधन के बाद उनके पुराने आरोपों और अंतिम फेसबुक लाइव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।











