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केंद्र की तर्ज पर हों दिल्ली की श्रम संहिताओं के नियम, श्रमिकों को अधिकतम लाभ देने पर हो जोर: कपिल मिश्रा

By Riya Kumari

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दिल्ली
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सोशल संवाद / नई दिल्ली : दिल्ली सरकार के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने असंगठित श्रमिकों, गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों तथा निर्माण श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की प्रक्रिया में तेजी लाने और नियमों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए। श्रम मंत्री ने इन श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रकाशन एवं अधिसूचना से संबंधित तैयारियों को लेकर शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

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सामाजिक सुरक्षा संहिता में असंगठित एवं निर्माण श्रमिकों के लिए कल्याण बोर्डों के गठन तथा उनके लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाए जाने का प्रावधान है। बैठक के दौरान सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 सहित श्रम विभाग द्वारा चारों श्रम संहिताओं के अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रकाशन एवं अधिसूचना से संबंधित तैयारियों की जानकारी कैबिनेट मंत्री को दी गई। बैठक में श्रम आयुक्त सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। श्रम मंत्री ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित करें कि असंगठित श्रमिकों, गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों तथा निर्माण श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।

कपिल मिश्रा ने कहा कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों को समेकित कर चार श्रम संहिताएं—वेतन संहिता,  औद्योगिक संबंध संहिता,  सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता—लागू की जा रही हैं।

इन श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देना तथा सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है। सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों एवं गिग/प्लेटफॉर्म श्रमिकों को भी शामिल किया गया है, ताकि उन्हें विभिन्न सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए जा सकें। इसी प्रकार, अब तक भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (BOCW) अधिनियम, 1996 के अंतर्गत आने वाले निर्माण श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के दायरे में लाया गया है।

कपिल मिश्रा ने निर्देश दिए कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व-प्रकाशित नियमों का गहन अध्ययन किया जाए और जहां आवश्यक हो, वहां दिल्ली के नियमों को केंद्रीय नियमों के अनुरूप रखा जाए, ताकि पूरे देश में एकरूपता बनी रहे और श्रमिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

श्रम मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी नियमों को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए, ताकि चारों श्रम संहिताओं के तहत अधिकतम लाभ दिल्ली के श्रमिकों को समय पर उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का हित और कल्याण दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

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