देवघर पुलिस का ‘सम्मान’ अभियान: अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए एक फोन पर मदद, 30 वरिष्ठ नागरिक जुड़े

By Riya Kumari

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देवघर पुलिस का ‘सम्मान’ अभियान: अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए एक फोन पर मदद, 30 वरिष्ठ नागरिक जुड़े

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सोशल संवाद / डेस्क : पुलिस की छवि आमतौर पर कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़ी होती है, लेकिन देवघर पुलिस का ‘सम्मान’ अभियान वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षा और अपनापन देने की पहल के रूप में सामने आया है। इस अभियान के तहत अकेले रहने वाले या अपने जीवनसाथी के साथ रहने वाले बुजुर्गों से पुलिस अधिकारी नियमित संपर्क करते हैं और जरूरत पड़ने पर मदद उपलब्ध कराते हैं।

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अकेले रहने वाले बुजुर्गों का कराया जाता है पंजीयन

‘सम्मान’ अभियान से जुड़ने वाले बुजुर्गों का पंजीयन किया जाता है। इसके बाद संबंधित पुलिस अधिकारी उनके घर जाकर मुलाकात करते हैं। इस दौरान बुजुर्गों की समस्याओं, परिवार की जानकारी और घर में काम करने वाले लोगों से जुड़ी जानकारी ली जाती है।

इसके बाद बुजुर्ग और पुलिस अधिकारी के बीच सीधा संपर्क कायम किया जाता है। जरूरत पड़ने पर बुजुर्ग एक फोन के जरिए पुलिस से मदद मांग सकते हैं। फिलहाल करीब 30 वरिष्ठ नागरिक इस पहल से जुड़े हुए हैं।

पुलिस अधिकारी लेते हैं बुजुर्गों का हालचाल

अभियान के तहत पुलिस अधिकारी समय-समय पर बुजुर्गों से फोन पर बातचीत करते हैं और उनके घर भी पहुंचते हैं। पर्व-त्योहार के दौरान पुलिसकर्मी बुजुर्गों से मिलकर उनका आशीर्वाद भी लेते हैं।

कई वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि इस पहल से अकेलेपन और असुरक्षा की भावना कम हुई है। कुछ बुजुर्ग पुलिस अधिकारियों को अपने बच्चों की तरह मानने लगे हैं।

दवा और मेडिकल इमरजेंसी में भी मदद

देवघर पुलिस के अनुसार, अभियान का उद्देश्य केवल बुजुर्गों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। यदि किसी बुजुर्ग को दवा, चिकित्सा या किसी आपात स्थिति में मदद की जरूरत होती है तो पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करती है।

अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी जैसे अपराधों के प्रति भी जागरूक किया जाता है, क्योंकि ऐसे बुजुर्ग साइबर अपराधियों के निशाने पर आ सकते हैं।

मां के अकेले रहने से आया ‘सम्मान’ अभियान का विचार

रिपोर्ट के अनुसार, देवघर के तत्कालीन एसपी सौरभ ने अपनी मां के अकेले रहने के अनुभव से इस पहल की जरूरत महसूस की थी। उन्हें लगा कि नौकरी या अन्य कारणों से बच्चों से दूर रहने वाले दूसरे बुजुर्गों को भी इसी तरह की चिंता और असुरक्षा का सामना करना पड़ सकता है।

इसी सोच के आधार पर ‘सम्मान’ अभियान शुरू किया गया। देवघर के वर्तमान एसपी प्रवीण पुष्कर के अनुसार, अभियान का मकसद बुजुर्गों को सुरक्षा देने के साथ उनके बुढ़ापे में सहारा बनना भी है।

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